Site icon DevKeDilSe

वक़्त का पैबंद…

Advertisements

वक़्त का पैबंद लगा रखा है
मैंने लिबास में, सच छिपा रखा है

वक़्त, क्यूं नहीं है, जानने में,
जिंदगी गुजर जाती है।
लबों तक आने से पहले,
सोचने से हसीं रुक जाती है।।

नफ़रत करने में क्यूं,
जायां करू जिंदगी।
मोहब्बत वीरान दिलो को,
बागबान कर जाती है।।

Exit mobile version