अब कहा उनको, याद मेरी आती है

अब कहा उनको, याद मेरी आती है,
नज़्म मेरी, अब नहीं, लुभाती है,

अक्स उनका, अभी भी दिखता है,
नजरो में मेरी,
उनकी नजरें, अब हमपर, कहां टिक पाती है,

अब कहा उनको, याद मेरी आती है

बेपर्दा हो गए हम, ख्वाहिश थी उनकी भी,
अब वो सामने, मेरे आने से, कतराती है,

अब कहा उनको, याद मेरी आती है।।

कहां तो कहती थी, यार भरी महफिल में,
मिलती है राह गर अब, रस्ता बदल जाती है।

अब कहा उनको, याद मेरी आती है।।

देव

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