कुछ खोया, तो कुछ पाया होगा

कुछ खोया, तो कुछ पाया होगा,
यूं ही नहीं, वक्त लुटाया होगा।

क़िस्मत को पल में कोसना क्यूं है,
क़िस्मत से ही तू, तू बन पाया होगा।

बेसब्री बहुत हुई, अब आराम कर,
भाग कर, कुछ हाथ ना, आना होगा।।

माना, स्याह रात से गुजरना है तेरा,
मगर सहर का फिर से, आना होगा।

देव

08/11/2020, 10:19 am

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