इश्क़ है, या नहीं!

कहाँ है जुल्फें तेरी, कुछ देर तो उनमें सुस्ताने से,
तेरी महफ़िल में, कुछ पल, कभी तो गुजारने दे।।

कब तक मायूस सी, गुजरेंगे तन्हाई में,
साथ तेरा, इस उम्र में, मिल जाने दे।

तलाश है तुझको, माना जो मैं हूँ नहीं,
जो हूँ मैं, उसे तुझ जैसा, इक बार बनाने दे।

इश्क़ है, या नहीं, मालूम नहीं, तुझको बता,
मेरे इश्क़ पर यकीं है तुझको, ये तो बताने दे।।

देव

15/12/2020, 1:28 pm

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