चली राधा।।

थोड़ा बलखाती, खुशियां छलकाती,
हिरनी की तरह, चली बाला,
जुल्फें लहराती, पलकें झपकाती ,
चहक चहक, बड़ी बाला।।

खोल झरोखें, ग्वाले देखे,
अंगुली दबा, पलके खोले,
शीतल पवन, क्यों बहने लगी,
तक तक तांके, हर ग्वाला।।

नदियां बहती, बहती रुक सी गई,
डालियां हिलती, हिलती झुक सी गई,
बांसुरी कृष्ण, की थम सी गई,
ठुमक ठुमक, चली राधा।।

देव

10/12/2020, 11:43 pm

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