यहाँ हो तुम!

यहाँ हो तुम,
यहीं तो हो तुम,
जहां मोहब्बत है मेरी,
गुफ्तगू तुमसे है करती,

कहीं महफिल में क्यूं,
क्यूं जमाने में ढूंढू,
तुम हो जुस्तजू मेरी,
मेरे ख्वाबों में हो मिलती।।

देव

19/12/2020, 12:56 am

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