मेरी दुनिया!

मेरी दुनिया, नहीं वैसी,
है तुम्हारी दुनिया जैसी।
मेरी दुनिया, कुछ अलग है,
मेरे ख्वाब, इसमें बंद है।
मेरे ख्वाबों में, हक़ीक़त है,
मेरी हक़ीक़त, मेरे सपने है।
मेरे सपने, तुम जैसे नहीं,
मेरे सपनो में, गिला नहीं।
मोहब्बत, बस मोहब्बत बसती है,
मेरी दुनिया में, हंसी रहती है।
मेरी हंसी, मेरी खुशी है,
तुम हो, तभी तो ये खुशी है।
देव
20/01/2021, 3:17 am

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