मकसद यही।

सोचता हूंँ यही, तुझे कह दू कभी,
बिन तेरे जीना मेरा, है मुमकिन नहीं,
ख्वाहिशें तेरी, सच हो पूरी सभी,
जिन्दगी का मेरे, है मकसद यही।।
देव
31/01/2021, 10:40 pm

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