मोह

प्रेम, वो प्रेम ही तो था,
जो राधा संग बस कृष्ण थे,
बांसुरी की धुन थी,
राधा मंत्रमुग्ध थी।
कहते है, बिछोह था,
मगर, वो कहां मोह था,
जब प्रेम बसा हो मन में,
तो शरीर बड़ा तुच्छ था।
देव
29/01/2021, 9:39 am

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