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बढ़ते कदमों से…

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बिखरे हुए कागजों को
ना समेटो, बड़े इत्मीनान से
दिल उंडेला है हमने कलम से
हवा का झोंका चले
कहीं जुदा ना करदे, यांदे मेरी

उसके इश्क़ को,
मेरे जेहन से जुदा ना कर
मैं जिंदा हूं,क्यूं कि
मुझमें मोहब्ब्त है

इंतेकाल हो, तो एक बार जनाजे को,
गुजारना उसके मोहल्ले से
कर ले तस्दीक मेरी बातो की
खुदा के रास्ते,बढ़ते कदमों से

देव

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