मैं जीत कहां से पाऊंगा

मैं मुझसे जुदा हो गया तो,
मैं कहा रह पाऊंगा,
मैं, मैं कहा रह पाऊंगा,
क्षण में भ्ंगुर हो जाऊंगा।

तुम लाख कोशिशें कर लेना,
नहीं फिर मिल मैं पाऊंगा,
इक बार जो टूटी डोर, तो फिर
बंध कर मैं नहीं, रह पाऊंगा।

स्वछंद नदी सी धारा जैसी,
गति जो मैंने पाई है,
बांध बना दोगे गर इस पर,
फिर से कहां बह पाऊंगा।

मलय से शीतल पवन बना,
रखता हूं, शीतल जीवन यहां,
मलय मिटा दोगे तुम तो,
मैं वर्षा कहां से लाऊंगा।

मैं हिम कहीं, कहीं गुरु शिखर,
गोवर्धन बन कर खड़ा कहीं,
तुम शीश झुका दोगे मेरा तो,
मैं तुम्हे छिपा कहां पाऊंगा।

पौरुष्या मेरा, और निखर गया,
विपत्ति में अडिग था खड़ा रहा,
तुम डर पर विजय ना पाओगे तो,
मैं जीत कहां से पाऊंगा।।

देव

राह ना भटको

राह ना भटको, फिर से देखो,
क्या ये जरूरी है,
क्यूं छोड़ चले, पल में सबको,
कैसी ये मजबूरी है।

धरम हमारा, फक्र हमारा,
फिर, क्यूं यूं तुम, मुंह मोड़ चले,
प्यार यहां क्या, कम पड़ गया,
जो पल में, सब यूं छोड़ चले।

जन्म दिया, जिस मां ने तुमको,
जिस पिता ने, सुख था वार दिया,
एक अनजान के खातिर क्यूं तुम,
उन्हें बिलखते, छोड़ चले।

सखियां, जिन संग बचपन बीता,
अंगना जिसमे बचपन बीता,
भाई बहन के रिश्ता भूले,
बीच मंझधार में, छोड़ चले।

जरा तो बैठो, सोचो समझो,
है मुश्किल तो, मशवरा कर लो,
खेल नहीं ये, है जीवन ये,
अपनों के संग, खुश हो, जी लो तुम।।

देव

ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी

महफ़िल उसकी, मेहमान उसके,
वाह वाह करते, ये कद्रदान उसके।


माहौल उसका, मयखाने उसके,
होठों से छूते, वो जाम उसके।


जिसने भी कहीं, वो शायरी उसकी,
जो बज गई, वो मौशिकी उसकी।


मैं तो बस, चिराग से निकलती लौं हूं,
ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी।।

देव

चलो, जाने भी दो, बहुत हो गया

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
रूठों को मनाना,
झगड़ों को सुलझाना,
दूसरी के हिसाब से,
खुद का बदल जाना,
नहीं पसंद है, मगर
चाय से बिस्किट खाना,

चलो जाने भी दो,
बहुत हो गया,
जो जा रहे है, उनसे
रुकने की जिद करना,
ना चाहते हुए भी,
किसी की बातों पर हसना,
बहुत प्यार से, उनसे
खाने की मनवार करना।

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
जो नहीं चाहते, उनसे
चाहत की उम्मीद करना,
भुला कर हर किसी की,
शिद्दत से मोहब्बत करना,
ना जाने कितने सावन,
उसके इंतेज़ार में गुजरना।

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
इंतेहा, इंतेज़ार, ऐतबार,
इकरार, इनकार, मनवार,
अब थोड़ा खुद के लिए,
जी लेते है, चलो,
खुद से थोड़ी,
मोहब्बत करते है।।

देव

शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें

निकला तो था, सफ़र में, मंजिल तलाशने,
तुमसे क्या मिला, तुम्हे मंजिल बना लिया।

और तुम, जरा जल्दी में थी, मगर ठहरी सी,
पास, मगर दूर बहुत, हाथ भर मगर दूरी बहुत।।

काफी वक़्त से खड़ा था, उस मोड़ पर,
जहां से गुजरने की, उम्मीद थी कभी तेरी।

अब चल पड़ा, रास्तों पर अपने, खुद की तलाश में,
शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें।

देव

लगती हो तुम, यही कहीं आसपास

तेरे जिस्म की, सोंधी खुशबू,
तेरी सांसों की, नमी का अहसास,
कुछ पल की ही, सही वो मुलाक़ात,
मेरी यादों में, तेरा रहना, चुपचाप,
अक्सर, दिल के दरवाजे को,
खटखटाते हुए, तेरा आवाज देना,
कहां हो दूर तुम मुझसे,
लगती हो तुम, यही कहीं आसपास।।

देव

[13/07, 12:42 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाब,
ख्वाब में ही सही,
तू है तो सही,
यहीं कही।।

देव
[13/07, 5:37 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे चेहरे पर जो हया दिखती है
हाल ए दिल तेरा बयां करती है
मिटा दे जो पेशानी पर है फिक्र की लकीरें
खुदा को इस साल तेरी ख्वाहिशें पूरी करनी है

देव
[14/07, 1:48 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उम्मीद ना करना, उनसे,
दिलों में झांकने की, पछताओगी,
उन्हें बे दिल शहर की,
चकाचौंध से, मोहब्बत है।।

देव
[14/07, 11:26 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी यादों का, मेरे जेहन में बसर है,
तू मेरी यार, तू मेरा हमसफ़र है।।

देव
[14/07, 11:39 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यादें ही सही तेरी, संग मेरे हर वक़्त है जो,
दूर तू सही, इस दिल को है, सोहबत तेरी,

तेरी पेशानी पर ना पड़े, लकीरें फिर कभी,
खुदा से हर नमाज में है, इल्तेजा मेरी।।

देव
[16/07, 12:11 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

धड़कता तो पहले भी था, ये दिल,
मगर तेरे वजूद का, असर कुछ,
यूं हुआ, लगा लय मिल गई,
धड़कन को भी, और सांसो को भी।

देव
[16/07, 12:14 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कभी गुजारता था वक़्त, तलाश में तेरी,
अब गुजारता है वक़्त, इंतेज़ार में तेरे।।

देव
[16/07, 12:54 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरा वजूद है, जो देता है राहत,
वरना वजूद मेरा, गुम सा गया था कहीं।
देव
[16/07, 12:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

विकल्प बनने से अच्छा है,
तन्हा गुजार दू, ये जिंदगी,
मोहब्बत करनी है, तो कर,
मैं बाज़ार का, गुलदस्ता नहीं।

देव
[16/07, 1:09 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

निगाहों से निगाहें भी मिला तो हम लेंगे,
तुम है बता दो जरा, गर इश्क़ हो गया,
तो क्या दिल।में बसा लोगे अपने।।
देव
[16/07, 1:13 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वो कागज़ की कश्ती, बना कर डुबाना,
उसी से तो सीखा, मर कर भी जीना।।

देव
[16/07, 1:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कौन कहता है, तू
मेरे दिल में बसी है,
हर सांस में मेरी, जो
तेरा नाम आता है,
जरा बता दो, वो क्या है?

देव
[16/07, 10:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

क्या करूंगा, जब वो मिलेगी, और आंखे खुश्क होंगी, इसलिए,
महफूज रखता हूं, आंसुओ को अपने।।
[17/07, 7:22 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

पता नहीं था इश्क का तोहफा यह मिलेगा
जो पहले बातें करने को तरसते थे उन्हीं से वक्त की गुजारिश होगी
[17/07, 9:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लोग यू ही उसके कुरूप कहते है,
रूप देखा है मैंने, बातों में उसकी।
देव
[17/07, 9:51 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी आंखो में, अक्स अपना देखा,
यूं ही नहीं, मोहब्बत करी तुझसे।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दिल को करार दिला दे,
वो अल्फ़ाज़ कोई सुना दे।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस नजरिए का फरक है,
किसी को हां में ना,
ना में हां भी सुनाई देता है,
जिन्हे तुम बर्बाद कहते हो,
उन्हें जीने मतलब, पाता होता है।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरे गरीबखाने में, कभी आना,
इश्क़ को सलाम कर जाना।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

भूल तो यही हो गई,
जिन्हे अपना समझा,
उन्हीं मतलबियों में,
वक़्त जाया किया।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

इश्क़ एक बार हो, यकीनन,
फिर से होगा,
मोहब्बत से मन भर जाए तो,
इश्क़ कहां।।

देव
[18/07, 12:21 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ना ऐतबार कर,
यू ही तू मेरा,
मगर प्यार, करते है जब,
तो मशवरा नहीं करते।

देव
[18/07, 12:23 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

सबने अपने हिसाब से,
इश्क़ के मायने लिख डाले,
कुछ ने, क़यामत कहा,
कुछ के, खुदा की इनायत।।

देव
[19/07, 12:17 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लेकर आए है, कुछ तोहफे, आज शाम तेरे नाम करने,
खुदा के नाम पर, कुछ तो करदे, नाम तू मेरे।।

देव
[19/07, 12:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जश्न ए महफ़िल, फिर सजी,
फिर से, तराने छेड़ने है,
कभी मोहब्बत, कभी खुशियां,
कभी दिलो के अफसाने, छेड़ने है।।

देव
[19/07, 12:28 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तरान्नूम है छेड़ा, दोस्तो ने,
फिर से है महफ़िल सजी,
कुछ गायकी, कुछ राग है,
कुछ पंक्तियां, है यार की।

देव
[20/07, 8:15 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

पकड़ कर ले आयेंगे सपने,
जो देखे थे, कभी तुमने,
फिजा में ही है ये सारे रंग,
बरसेंगे, जहां रखोगी, तुम कदम।
देव
[20/07, 8:20 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तलाश ख्वाहिश की ना कर इतना,
तेरा पैमाना, अलग है सबसे,
ख्वाहिश बन जा, किसी का तू,
अक्सर वही अपने बन पातें है,
जो दिल हार जाते है।

देव
[20/07, 10:18 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस, वो मान ले,
ये दिल उन्होंने जीता है,
उस हार में, जीत से ज्यादा मजा है।।

देव
[21/07, 11:35 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे इश्क़ से, महकने जाए,
वो मोहब्बत भी तो चाहिए,
हर किसी में जज्बा ये कहां,
दिल मेरे जैसा भी चाहिए।।

देव
[21/07, 11:37 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बहुत हो गई, आशिक़ी,
अब मिजाज, बदलने है,
जिंदगी के अजीज पल,
यूं ही नहीं, गुजरने है।।

देव
[22/07, 10:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे आगोश का, कुछ हिस्सा ही मिल जाता,
उमर का बचा सफ़र, सुकून से गुजर जाता।।

देव
[22/07, 10:07 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब मैं भी, साथ नहीं होता मेरे,
तेरी यादों का सहारा होता है।।

देव
[22/07, 10:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बेतरतीब सी जिंदगी में,
बस यही तो सबसे अच्छा हुआ,
मेरा, तुझसे जो मिलना हुआ।।

देव
[22/07, 10:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

काश…… यहीं तो आकर, जिंदगी सिमट गई।
सच होना ख्वाबों का, बस,
कल्पना रह गई।।

देव
[22/07, 10:12 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तू मिली भी तो उस मोड़ पर,
कि फिर से, हां ना कह सकी।।

देव
[22/07, 10:14 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हां, इश्क़ जो किया, ख़तम होता कहां है,
दिल के किसी कोने में, रहता बसा है।

वक़्त, का किसको पता, क्या खेल खेले,
जो कल बिछड़े कभी, फिर से मिले।।

देव
[22/07, 10:47 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हम उनसे मोहब्बत करते रहे,
और वो शौक.

देव

वो इश्क मुकम्मल नहीं,

किसी ने समझाया,
वो इश्क मुकम्मल नहीं,
जिसमे मोहब्बत के बदले,
मोहब्बत नहीं।
मियां, उम्र गुज़र जाएगी,
मोहब्बत ना मिल पाएगी,
यूं ही अपनी जिद को,
मोहब्बत ना मानो,
जो इश्क़ के बदले में,
इश्क़ दे,हाथ उसका थामो।।

देव

22 July 2020

वो फिर से मिली,

वो फिर से मिली, उसी मोड़ पर,
जहां, अलविदा कहा था कभी,
पीछे मुड़कर, तब भी देखा था,
मगर, कुछ ना कहा था कभी,
अब, जैसे इंतेज़ार में हो,
बहुत कुछ कहने को,
क्यूं नहीं रुका मैं, नहीं थी समझ,
जब उसको, क्यूं नहीं था मैं,
जो अब बन गया हूं,
क्यूं नहीं, थाम हाथ, ले चला,
साथ अपने, सफ़र पर उसको,
अब, काफी दूर निकल आए है,
मगर, दिल कुछ और करीब,
मगर, आज भी, वो दूर उतनी ही है,
जितनी, तब थी, दिल के करीब।।

देव

22 July 2020

सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना

तेरी जुल्फों के साएं पे, कुछ पल का सुस्ताना,
सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना।

तेरी सांसों की गर्मी का, मेरी सांसों से टकराना,
सिमट कर पल में तेरा, मेरी बाहों में सामना।

अक्स अपना देखना, तेरा यूं पुतलियों में मेरी,
पलक को बंद कर मुझको, नजरो में बसा जाना।

हवा का तुझको छूकर, यूं महक जाना,
चुरा खुशबू, तेरी पल में, मुझ तक खीच कर लाना।

तेरी जुल्फों के साएं पे, कुछ पल का सुस्ताना,
सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना।

देव

20 july 2020

मेरी सारी खवाविश, को पूरा, कर दिया तुमने

अपने रंग में, मुझको, रंग दिया तुमने,
मेरी सारी खवाविश, को पूरा, कर दिया तुमने।

बेनाम सी, जिंदगी, जी रहा था मै
नाम हुआ जब, नाम अपना, जोड़ दिया तुमने।
मेरी सारी…

सपने मेरे, कुछ खास ना थे, सिवा तेरी मोहब्बत,
अपने दिल पर, नाम तेरा, लिख दिया मैंने।
मेरी सारी…

हर शाम, गुजरती ही, दिला याद तेरी,
तसल्ली है कि , तस्वीर अपनी, लगा रखी है तुमने।।

मेरी सारी…

देव

19 july 2020

हे मां, सरस्वती, तेरा करे हम वंदन

है मां, तू है ज्ञान की ज्योति, तेरी पूजा करे हम,
तूने दी हमको है शक्ति, तेरी वंदना करे हम।

हे मां, तेरा आशीष लिए, चल पड़े है डगर पर,
अब नहीं है डर, बिंदास चले तेरे पथ पर।

हे मां, तू है लक्ष्मी रूपम, तू ही दुर्गा, तू काली,
तेरे चरणों में न्योछावर, हमारी हर कलाकारी।

हे मां, सरस्वती, तेरा करे हम वंदन,
तेरा अभिनन्दन, तेरा अभिनन्दन।।

देव

18 july 2020

जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो

कुछ कदम साथ चले, कुछ कदम और चलो,
जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो।।

ये पल, जो दर्द का है, गुजर जाएगा कुछ पल में,
ले हंसी, लबो पर, खुशमिजाज तुम रहो,
जिंदगी के सफ़र में……

मैं हूं वही खड़ा, जहां तुम छोड़ कर गई,
जरा रुख इधर का करो, हाथ थाम कर चलो,
जिंदगी के सफ़र में….

कुछ कदम साथ चले, कुछ कदम और चलो,
जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो।।

देव

18 july 2020

फिक्र तो उसे भी रहती होगी

फिक्र तो उसे भी रहती होगी,
बस वो बयां नहीं करती,
बचा कर रखा है इश्क़ अपना,
यूं ही वो जाया नहीं करती।

कौन अपना है, कौन पराया,
कुछ समझ नहीं आता,
वक़्त कितना ही, लगा दो,
अक्सर, चला जाता है जाया।

हदें पार करने का, मौका,
ना दिया मैंने कभी,
हदें पार कर, इश्क़ करे कोई,
तो ना कहा नहीं जाता।।

देव

17 july 2020

मुद्दा तो यही है

मुद्दा तो यही है,
मैं उसे चाहता हूं, और,
वो कुछ और चाहती है,

कहते है, शिद्दत से किसी को चाहो,
तो पूरी कायनात, तुम्हे उससे,
मिलने में जुट जाती है,

मसला भी यही है, कि कायनात,
खुद है परेशान,
के शिद्दत का तराजू,
नहीं पता, है कहा।

मगर, प्यार भी तो यही सिखाता है,
पाने से ज्यादा, प्यार की खुशी चाहो,

बस, इसीलिए सारे मसले, सुलझा दिए,
उसकी खुशी में, अपने सपने लुटा दिए।।

देव

16 July 2020

इश्क़ खुद से बेशुमार है।।

चौखट से निकाल कदम,
उसने आज बड़ा ही दिया,
हदों का अपनी, दायरा,
पल में आज समाप्त किया।

कहने को तो खुश है,
खुशियों का अंबार है,
मगर, भरे घर में भी तन्हा,
नदारद, उसका वाला प्यार है।

चल पड़ी, बाद पड़ी,
वो निडर, अकेली सी,
ना कोई साथ, चाहिए,
ना चाहिए मोहलत कोई,

वक़्त जो भी है बचा,
उसका है, बस उसका है,
जिंदगी का हर लम्हा,
उसका है, बाद उसका है।

इश्क़ खुद से, करती है,
खुद ही से, शिकवा करती है,
खुद की महफ़िल में वो,
खुद ही शिरकत करती है।

अब नहीं, डर बचा,
अब बस यकीं है,
खुदा से दोस्ती है उसकी,
इश्क़ खुद से बेशुमार है।।

देव

16 July 2020

मोहब्बत में कैसे, रूठेंगी मुझसे

मोहब्बत में यूं ही नहीं बह गया मैं,
उसके ख्वाबों में था खो गया मैं,
तन्हा कहा था, अब रह गया मैं,
दूरियों में भी, करीब उसके था मैं।।
अब बस, उसकी यादें, उससे है ज्यादा,
रहती है साथ, छोड़ सारी मर्यादा,
ना खोने का डर, ना छूटेंगी मुझसे,
मोहब्बत में कैसे, रूठेंगी मुझसे।।
देव

16 July 2020

किसी से दो बातें कर लो

कुछ मुरझाते से चेहरों को,
हंसाने का, इंतजाम कर लो,
जब भी वक़्त मिल जाए,
किसी से दो बातें कर लो,

कहा फिक्र रहती है, कौन
पूछता है हाल ए दिल यहां,
कुछ यार, गर मिले भी है,
उन्हें, चंद किस्से कह दो,

बरसात का मौसम है, और
तन्हा दिल है काफी यहां,
वो खुशियों की, छतरी है गर,
यारो के भी, हिस्से कर दो।।

देव

16 july 2020

कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

बिखरे पड़े किस्सों को, समेटा जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।

उसी शहर की तंग गलियों में,
जहां कभी खेले थे कंचे,
लगाई थी दौड़ साइकिल्स की,
कभी गिरते, कभी पड़ते
घावों पर मिट्टी मलते,
चल एक राउंड और हो जाए,
हवा से फिर सरपट बाते करते,
कुछ वक़्त फिर गुजारा जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।

कुछ अब भी यही है,
कुछ बसे है कहीं बाहर,
मगर अब भी नहीं लगता,
कभी अनजान ये शहर,
एक घर हो तो कहूं,
हर घर में, एक परिवार बना था,
यार से ज्यादा, मुझे प्यार मिला था,
अब दोस्त बाहर है, तो क्या,
अंकल आंटी, दादा दादी से मिला जाए
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

ना जाने, कैसे ये हो जाता था,
जहां बनता था कुछ खास,
मैं वहां पहुंच जाता था,
हलवा, खीर, पराठों का,
लुत्फ लिया जाता था,
दाल चावल पटाटा और पापड़ में,
मस्त स्वाद आता था,
चलो, आज फिर, वहीं स्नेह से भरा,
खाना खाया जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

कभी कॉलेज, कभी ऑफिस,
के गलियारों में, उमड़ते जज्बात, कागज़ के फर्रो में, जाहिर करते दिल की बात,
उसी गली के चक्कर काटना, दिन में चार,
जब भी दिख जाती थी वो,
मुस्कुरा कर पूछना, कैसी है यार,
चलो, आज फिर से, वही दौर दोहराया जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

देव

15 july 2020

क्या, तू यू ही डर जाएगी

थपेड़े खा कर, तूफानों के,
पहुंची है तू , यहां तक,
कहां आंधियां, तुझे,
जरा हिला पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी।

अंधेरों में रही, मुश्किलें
कितनी सही, स्याह रातों में,
पलकें खुली रही, ये शाम
कहां तुझे भयभीत कर पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी,

कुछ बचा ना सुनने को,
सुना है तूने, जाने कितना,
अब इन लोगो की, बेतुकी बातें,
कहा कुछ बिगड़ पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी।

नहीं, तू नहीं, डर यूं सकती है,
तू ही शिव, तू ही शक्ति है,
तू प्रचंड है,तू अग्नि है,
तू ही दुर्गा, तू ही लक्ष्मी है,
काल तेरा भाग है,
तीनो लोको से अभाज्य है,
अखंड है, तू छंद है,
देव सारे, तेरे अंग है,

देव

15 जुलाई 2020

यादें ही सही

यादें ही सही तेरी, संग मेरे हर वक़्त है जो,
दूर तू सही, इस दिल को है, सोहबत तेरी,

तेरी पेशानी पर ना पड़े, लकीरें फिर कभी,
खुदा से हर नमाज में है, इल्तेजा मेरी।।

देव

14 जुलाई 2020

सात फेरों की पाबंद नहीं, मोहब्बत मेरी

लोगो की तो आदत है, कुछ भी बोलते है,
बेखौफ, जीने की आदत, है तुझे, मुझे भी।


फिक्र ना कर, रस्म ओ रिवाज की तू जरा,
सात फेरों की पाबंद नहीं, मोहब्बत मेरी।।

देव

ये इश्क़ है, या दीवानगी

ये इश्क़ है, या दीवानगी,
पूछा खुद से, एक बारगी,

उसका होना है मुझको, या
जिद है क्या उसे पाने की,

मोहब्बत भी है, यारी भी,
कभी लगती बेगानी सी,

कभी मुंह मोड़ लेता हूं,
कभी फिर बोल देता हूं,

कभी चुप सी वो रहती है,
कभी बहुत कुछ वो कहती है,

बिछड़ कर यार, मिलते है,
दिल का हाल, भी कहते है,

मगर, वक़्त वही, रुका सा है,
ये किस्सा अब तक, अधूरा है।।

देव

14 जुलाई 2020

छलकती मय के मयखाने

छलकती मय के मयखाने,
तेरी नजरो ने बना डालें,
जुल्फे जो चेहरे पर गिरती से,
पर्दे यूं, हुस्न पर कर डाले,
ग़ज़लें बारिश सी बरसेंगी,
लबों से हटते ही ताले,
कहीं बिजली गिरी होगी,
निगाहों ने क्तल कर डाले।।

देव

13 जुलाई 2020

चेहरे

चेहरे, कितने ही बना रखे है,
हर चेहरे के लिए,
अलग चेहरे लगा रखे है,
किस चेहरे पर करूं यकीं,
हर चेहरे के पीछे,
कुछ राज छिपा रखे हैं।।

देव

13 जुलाई 2020

क्षण भंगुर सा जीवन

क्षण भंगुर से जीवन को, जीना हर क्षण है,
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

खौफ जदा बैठा है इंसा, डर का ये पल है,
पल पल मारने से अच्छा, जीना दो पल है,
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

जिनको प्यार किया हर पल, क्यूं है उनसे दूरी,
पास अगर है प्यार हमारा , दो पल में जीवन है।
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

देव

13 जुलाई 2020

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी,
कुछ जतन यूं, तुमने किया ,

बेसबब सा दिन मेरा,
बेसबर सी रात थी,
तेरी करीबी कुछ पल सही,
दे गई मुझे कहकशा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।

मैं भटकता सा रहा,
अनजान राहें, बेमंजिल यहां,
साथ तेरा, कुछ पल मिला,
मिल गई मुझको दिशा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।।

बे खुदा, था मैं बन गया,
खुद से भरोसा, उठ गया,
तेरी सोहबत क्या करी,
खुद में है पाया, मैंने खुदा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।।

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी,
कुछ जतन यूं, तुमने किया ।।

देव

13 july 2020

मासूम

मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,
काश! इन चांद सितारों की से आगे,
कुछ होता, प्यारा सा जहां,
ना पदाई होती, ना होमवर्क,
बस, होता barbie का घर,
मैं और बस मेरे सपने,
मेरे दोस्त, सब अपने,
आप भी होते, मगर बस आप,
ना होती स्कूल, ना होता काम,
मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,
काश! इन चांद सितारों की से आगे,
कुछ होता, प्यारा सा जहां।।

देव

12 july 2020

Random thoughts

[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अक्स पाकर तेरा, आइना भी गुज़र गया,
ना गुरूर रहा उसमे, चकनाचूर हो गया।।

देव
[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कर्ज कुछ मुस्कुराहट का ऐसा चढ़ा,
हाल ए दिल भी बयां, हंस कर किया।।

देव
[06/07, 8:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम महफ़िल में अकेला, ढूंढ़ती रह गई,
मैं तन्हा दिल गिनते गिनते थक गया।।

देव
[06/07, 8:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जख्म का इल्म, कैसे हो उनका,
मुस्कुराने का हुनर, कोई उनसे सीखे।

देव
[07/07, 8:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जरूरी नहीं, इश्क़ है बोलो तुम मुझे,
नजर भर देखलो बस, समझ मैं जाऊंगा।

देव
[08/07, 8:39 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब वो थे, तो फुर्सत ढूंढ़ते थे,
अब फुर्सत है, और वो नदारद।।

देव
[09/07, 1:44 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वो चंद लम्हात, जो गुजारे थे कभी साथ तेरे,
बसते है वही, याद बनकर, जेहन में मेरे।

मुस्कुरा देता हूं, अक्सर तुझे याद करके,
निकल जाता है नाम तेरा, अक्सर कुछ कहते कहते।

देव
[09/07, 1:48 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ बेहया सी, हो गई है, यादें तेरी,
ना वक़्त देखती है, ना जगहा।।

देव
[09/07, 1:16 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यही तो बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है,
पास नहीं तो क्या,
मुस्कान तो लाए है
[09/07, 11:29 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम इश्क़ भी हो, इबादत भी,
तुम हो गई, मेरी आदत सी,
बसी हो तुम ही खयालों में,
तेरा नाम है, मेरे हर अफसाने में।।

देव
[10/07, 11:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उसके हुस्न में ही, वो बात थी,
किताब लिख डाली, एक तस्वीर पर उसकी।।

देव
[10/07, 11:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ये अपनों कि ही महफ़िल लगती है जनाब,
जो मेरी नज़्म में, तालियां गायब है।।

देव
[11/07, 12:59 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

इतना भी काफी है, जीने के लिए,
कह सकूं अक्सर, मोहब्बत है तुझसे।।

देव
[11/07, 1:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तख्त ओ ताज की ख्वाहिश क्या करूं,
गर, किस्मत में मोहब्बत है मिली तेरी।।

देव
[11/07, 1:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त भी पल में, गुज़र जाता है,
सामने होती है, जब तस्वीर तेरी।

देव
[11/07, 1:13 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अक्स मेरा, कब हो गया तेरा,
आइना कुछ पल, ना ये छुपा पाया।
[11/07, 1:16 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तू कितनी गहरी, समाई है मुझमें,
अक्सर, दिखती हो, अक्स में मेरे।।

देव
[12/07, 11:12 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाब, ख्वाब में ही सही,
तू करीब तो है।।

देव
[12/07, 11:17 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मोहब्बत है, तभी तो इंतेज़ार है,
वरना, वक़्त से धीरे, मै भी नहीं था।।

देव
[12/07, 11:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर नज़्म लिख कर, फिर सोचता हूं,
अभी बहुत है लिखने को बाकी।।

देव
[12/07, 12:32 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

नहीं मै तुझको भूल पाऊंगा,
खुद को भी, गर मैं भुला कभी।।

देव
[12/07, 12:36 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त कहा है, मोहब्बत को उन्हें,
जो नफरतों से मुखातिब, जहां में रहते है।।

देव
[12/07, 12:44 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर कदम, कामयाबी चूमे तेरा,
हर ख्वाब, तमन्ना हो पूरी तेरी,
फिक्र ना पल भर, तुझे तरसाए,
खुशनुमा ही तेरा, हर सफर।।

देव
[12/07, 1:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी चुप्पी, और हिचकियां मेरी जताती है,
कुछ तो कहा तूने, ख्यालों में मुझे।।

देव
[12/07, 2:59 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ तड़प में मिठास होती है,
यार, प्यार की प्यास होती है,
क्यूं, रखूं रिश्ता, दूर का उससे,
गर उसकी हसीं याद, पास होती है।।

देव

तुम हो तो है, जिंदगी

कभी बेपरवाह सी थी,
मगर बेकार सी थी,
शामों में महफ़िल थी,
रूह तन्हा थी,
रात गुलज़ार थी,
ख्वाब नदारद से थे,
लबों पर हंसी थी,
दिल में खुशी ना थी,
रास्ते खुशगुवानर थे,
मंजिल का पता ना था,

अब बस तुम हो,

तुम हो तो है, जिंदगी।।

देव

ना छोड़ यू ही दामन उनका

कुछ तो सपने, तेरे भी है,
ना छोड़ यू ही दामन उनका,
मिल जाएंगे, काफी,
इश्क़ करने वाले,
मगर, ना करना, समझौता,
खुशी से अपनी।

दौड़ लगी है, हर तरफ,
बनाने को तुझे अपना,
कुछ बस यू ही चाहते है,
कुछ का है सपना।

तेरे सपने को जो, समझे अपना,
तू थामना दामन उसका,
जिसे माने तू अपना।

देव

इश्तहार बना डाला।

जरा अलग क्या, बना दिया खुदा ने,
इंसा ने मुझे, इश्तहार बना डाला।
मेरे यौवन में, अपनी ख्वाहिशों का,
बाज़ार लगा डाला, यू तो, बैठाया है,
मुझे मंदिर के मंडप में, और कोठों में,
दीवानगी का, दरबार लगा डाला।

देव

तू मेरी हमसफ़र

सुबह तुझसे शुरू, ख्वाब में तेरा बसर,
सोचता कुछ भी हूं, आती है तू नजर,
कुछ पल जो किया, तुझ संग वो सफ़र,
बन गई ना जाने कब, तू मेरी हमसफ़र।।

देव

इंतेज़ार है कबसे

कब तलक, यूं ही, बैठी रहेगी चुप सी,
कब तलक, ख्यालों में, रहेगी गुम सी,
कब तलक, दिल को, थामे रहेगी,
कब तलक, मोहब्बत से, रखेगी दूरी।

कोई तो है, जो तकता है तुझे,
हद से ज्यादा, वो चाहता है तुझे,
इश्क़ में तेरे, जो खोया है कबसे,
इक नज़र देख ले, इंतेज़ार है कबसे।।

देव

हां, उसे प्यार था

सुरूर ए इश्क़, उसको था जब चढ़ा,
महफ़िल में भी लगती थी, वो तन्हा,

तन्हाइयों में, मुस्कुराती रहती थी,
अक्सर, खुद से ही बातें, करती थी,

थोड़ी बेसब्री, थोड़ा सुकून भी था,
इश्क़ का थोड़ा, उसे जुनून भी था,

ना थी नफ़रत, ना जलन ही थी,
बस मोहब्बत, जेहन में फैली थी,

नज़रों में उसके, प्यार का खुमार था,
चेहरे से दिखता था, हां, उसे प्यार था।।

देव

सावन

वो वक़्त कुछ और था,
हर किसी पर एक सुरूर था,
ना जाने, कहा सब खो गया,
सावन, कब जेठ हो गया।

कहा झूले है पेड़ों पर,
कहा घुंघरुओं की आवाजे,
कहा गोरियो का ठहठहाना,
कहां छोरो को, छेड़जाना।

कहां गुम है, मेंहदी के हाथ,
वक़्त कहा है, थामे जो हाथ,
कहां गई, वो चांदनी रात,
बैठे थे हम, झुलो में साथ।

कहां है वो, मेलो की रंगत,
कहां है वो, संखियो की पंगत,
कहा है वो, यारो की टोली,
कहां है राधा कृष्ण की ठिठोली।

चलो, फिर से वो, झूले लगाए,
बारिश की रिमझिम, में नाचें गाए,
प्यार को अपने, प्यार जताएं,
हर्शो उल्लास से, सावन मनाएं।।

देव

कान्हा

गगरी भर यमुना से,
जब मैं चलूं,
तेरी मुरलिया की,
धुन से मिलूं।

मैं बावरी हो, पनघट,
पर नृत्य करू,
कान्हा, मैं तेरी,
बावरी हूं।

बातें करे जग सारा,
हुआ क्या तुझे राधा,
क्यूं खोई खोई सी, लागे तू,
मन में क्या है, बोल जरा।

मन कहां अब मेरा है,
कान्हा का ही, बसेरा है,
श्याम की दीवानी हूं,
बांसुरी धुन पर, नाचूं हूं।

सांवरा सलोना सा,
रूप उसने पाया है,
हर गोपी को, सांवरे ने
राधा बनाया है।।

देव

मैं कितना बदल गया

मैं कितना बदल गया,
मैं फिर से मैं बन गया,

कभी किस्से अभी अफसानों, में बसर था,
हर सफर में नया हमसफ़र था,
हर तारीख, नई क़लम से, लिखी जाती थी,
हर मास, तारीख नई आती थी,
अब सब रुक सा गया,
मैं कितना बदल गया।।

ख्वाबों की लंबी, फेरहिस्त थी कभी,
मंजिलों की लंबी कतारें थी कभी,
सोचों का दरिया, बहा करता था,
हर मौसम का, अलग मजा था,
अब सब थम सा गया,
मैं कितना बदल गया।
मैं फिर से मैं, बन गया।।

देव

यार

कुछ पल जिंदगी के,
इनके संग बिताए है,
यही कमाए, यही बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है।।

कभी रूठो को मनाना,
कभी रूठ कर, मन जाना,
हसने भी यही आए है,
जब टेसुएं बहाए है।

कभी दूर जाना,
कभी लौट कर फिर आना,
पास नहीं तो क्या,
दिल में तो बसाए है।

कुछ पल जिंदगी के,
इनके संग बिताए है,
यही कमाए, यही बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है।।

देव

ख्यालात

बेतरतीब से बालो को बनाती वो जा रही थी,
जो सुलझे थे, उन्हें भी फिर उलझा रही थी।

जाने किन खयालातों में, खुद से बतिया रही थी,
जो गुज़र सा गया था, उसी की याद आ रही थी।

सोचा, भाग कर रोक लू उसे, कह दे हाल ए दिल,
अपने ही चक्रव्यूह में, फसें वो जा रही थी।

देव

तोहफा इश्क़ का दिया

देख कर, तस्वीर उसकी, फिर वो पल, याद आए,
केशुओं के, बौछारों में, आज फिर से, हम नहाए।

अक्स उनका, है समाया, नजरो में, जेहन में मेरे,
मुस्कुराती, वो मिली फिर, राहें मोहब्बत, के दरमियान।

उल्फत हुई, फिर से हमे, शुक्रिया हो शुक्रिया,
दी है हमे, ये जिंदगी, तोहफा इश्क़ का दिया।

देव

Random thoughts

[18/06, 10:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरी नज़्में पढ़े, गर कोई,
अक्स तेरा दिखेगा,
तुझसे जुदा हुआ तो,
ना लब्ज़ एक बचेगा।।

देव
[19/06, 3:14 am] Lavya Airtel New:

जो चल रहे है,
मेरे जनाजे में आगे आगे,
जरा गौर से देख लो,
मेरा कत्ल करने वाले भी,
शायद यही है।।

देव
[19/06, 4:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त होकर भी, कितना कम हो गया है,
लब्ज़ भी गिन कर, पढ़े जाते है।
देव
[20/06, 2:45 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब भी मुझ पर, है कुछ लिखा जाएगा,
जिक्र तेरा, पहले पन्ने पर आयेगा।।

देव
[20/06, 2:46 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी गुस्ताखियां ही तो, तेरी अदा है,
यूं ही नहीं यार, तू सबसे जुदा है।
Dev
[20/06, 2:47 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे लब्जो को, तेरी तलाश है कबसे,
तू बड़ तो सही, हम साथ है कबसे।

Dev
[20/06, 2:49 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दम है तुझमें, सबसे जरा कम नहीं,
बेखौफ जीना तेरा, ये अदा भी कुछ कम नहीं।।
Dev
[20/06, 2:50 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

थम तो सही, ज़रा सांस तो लेने दे,
यार साथ है तेरे, नाम तो लेने दे।।
For Neeti
Dev
[20/06, 2:51 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आवाज की मिठास, और खास अंदाज,
उस पर ये मिजाज, वाह जनाब।।
Dev
[20/06, 2:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

गाने के बोल, कुछ गुनगुना दो,
कुछ किस्से यारी के भी, अब बना लो।।

Dev
[20/06, 2:57 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

महफ़िल कहा महफ़िल, तेरे बिना,
शराब भी बेनशा है, गर तू नहीं।।

Dev
[20/06, 2:58 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

थिरकती सी आहटों से, पहचान लिया,
यार, तू है यही कही, ये जान लिया।।

Dev
[20/06, 3:00 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ किस्से बिखेर कर, समेटता हूं,
तेरी हंसी के, पल जमा करता हूं।।

Dev
[20/06, 3:01 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ तो समेटा सा, लगता है तू,
तेरी बातों में, कुछ बात तो है।।

Dev
[20/06, 3:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

समेटे जज्बातों का पहाड़, पर चलती है बिंदास,
यूं ही नहीं तू है, तुझमें है कुछ खास।।

Dev
[20/06, 3:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाहिशें हजार है, मगर कुछ खास नहीं,
दोस्त तू नहीं, तो मुझमें कोई बात नहीं।।
देव
[20/06, 3:06 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यार तू साथ है, तो घबराना कैसा,
तू जो नहीं, तो अफसाना कैसा।।
Dev
[20/06, 3:07 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी शर्माहट पर, कर दे फिदा ये जहां,
जरा गौर से देख, तेरे लिए भी होगा, कोई यहां।।
Dev
[20/06, 6:49 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

फांसले दरमियान, अब रहे ना कहीं,
तुम मिलोगे मुझे, फिर कभी ना कभी
[23/06, 12:19 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दूर होकर तुझसे, क्यूं तन्हा होता हू,
ये इश्क़ है, या यूं ही, दिल्लगी तुम करते हो
[24/06, 1:45 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरी खुशमिजाजी पर, यूं ही कसीदे कसते है,
ना जाने, हंसना मुश्किल क्यूं लोगो को लगता है।।

देव
[24/06, 1:47 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हमे तो तन्हाई, नागवार लगती है,
यूं ही लोग, तन्हाई से मोहब्बत करते है
[24/06, 2:02 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

एक शाम ही काफी है, जीने के लिए,
कभी, गुजारो जिंदगी, कुछ पलो के लिए।।

देव
[24/06, 2:13 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अंगुलियों से बालो को मेरे, सहलाते हुए,
कह दिया उसने, मोहब्बत है, इतराते हुए।

लबों से गुनगुनाती रही, वो नज़्में,
मैं तकता रहा उसे, फिर जाते हुए।
[24/06, 6:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

रंग ए इश्क़ है मेरा,
यू ही नहीं उतरेगा।।।

देव
[24/06, 6:04 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जबान नहीं, ये नजर है जनाब,
कभी झूठ नहीं बोलती।।

देव
[24/06, 11:07 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम बस मुस्कुराते रहो, हर क्षण,
फिक्र तो, मगशूल है मेरे संग।

देव
[24/06, 11:20 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आइना को भी खुद पर, गुरूर होगा,
तेरे हुस्न, जब सामने, संवरता होगा।।

देव
[25/06, 1:32 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उन आंसुओ पर तो यकीं कर,
जो यार के दीदार की खुशी में,
कब से, थमे बैठे है।

देव
[25/06, 2:46 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तवस्सुर उसका, हो जाए, कुछ पल की सही,
हर नमाज में, दुआ उसकी करता हूं।।

देव
[25/06, 9:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस अल्फ़ाज़ ही तो थे, और
कोई बन गया, कोई गया बिगड़।।

देव
[27/06, 2:27 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरा नज़रे उठा कर,
झुकाना हुआ,
तेरे इश्क़ में दीवाना,
जमाना हुआ।।

देव
[27/06, 2:30 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

शराब भी कितनी, पी कर देखी मैंने,
तब भी, उतनी ही, मोहब्बत करता हूं।
देव
[27/06, 2:34 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लोग यू ही नहीं, बेदर्द कहते मुझे,
जिस्म है यहां, दिल दे दिया है तुझे।।

देव
[27/06, 9:11 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर रोज, उससे इश्क़, फिर से शुरू करता हूं,
उसके आने का इंतजार करता हूं।।
[27/06, 9:13 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उनकी चाहत का आलम ये है, कि,
हर सुबह, फिर से इश्क़ शुरू करते है।।

देव
[27/06, 9:14 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उनकी चाहत का आलम ये है,
हर सुबह, इश्क़ शुरू करते है,
हर रात, इंतेज़ार में जगते है।।

देव
[28/06, 12:06 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जिंदगी यू ही गुजरती रही,
वो अपने में मगशूल रही,
और हम उनमें।।

देव
[28/06, 12:08 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

करीब तो सब थे,
बस, वो ही ना थे,
जिनके हम थे।।

देव
[28/06, 12:10 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आज तो हद ही होगी,
जाने कब रास्ता गुज़र गया,
सब हमसे गुफ्तगू करते रहे,
और हम उनमे खोए रहे।।

देव
[30/06, 12:14 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जिंदगी बिंदास सी, जीती है तू,
गानों में तेरे, बसती है रूह,
जीना किसे कहते है, जाना है तुझसे,
हरदम यू ही, बस हंसती रहे तू।

देव
[01/07, 12:09 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

टूटे हुए दिल को, सीने की कवायद कर रहे है,
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

देव
[02/07, 1:36 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कर फरियाद तू फिर से,
खुदा फिर से सुनेगा,
जब कोई ना होगा साथ,
तेरे साथ रब होगा।।

देव
[02/07, 1:38 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

भीड़ से दूर हट के सुन जरा
खामोशियां भी बोलती है।।

देव
[02/07, 1:39 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मंजिल को ढूंढ़ते ढूंढ़ते,
रास्तों में ना भटक जाना,
सफ़र में जिंदगी के,
जिंदगी ना तू भूल जाना।।

देव
[02/07, 1:42 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मायूस ना हो जरा,
उससे यू बिछड़ कर,
वक़्त नहीं वो, जो
बस गुज़र जाए।।

देव
[04/07, 2:10 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यकीं कर खुद पर, खुदा पर,
गर ख्वाबों को हकीकत बनाना है।।

देव
[04/07, 2:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुझमें क्या खोया… मैं भी,
मेरा….. ना रहा।

देव
[06/07, 5:06 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

रंग मेरा उस पर चढ रहा है,
लगता है, उन्हें भी प्यार हो रहा है।।

देव
[06/07, 5:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

सुलझती जिंदगी को, फिर से उलझा रहा हूं,
इक बार फिर से, इश्क़ में डूबे जा रहा हूं।।

देव

हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता

जेहन में, लिखा, नाम तेरा, मिटाया नहीं जाता।
हां, इश्क़ है, अब तुझको, भुलाया नहीं जाता।

तू दूर है जितनी भी मगर, पास, बहुत है,
दिल में है मेरे, बसर तेरा, बताया नहीं जाता।

हर वक़्त, गुजारता है, मेरा, केशुओ में तेरे,
अब दिन है, या रात है, जताया, नहीं जाता।

मंदिर कभी, मस्जिद कभी, हर चौखट को चूमा,
सलामत तू रहे, हर पल, मगर मांगा, नहीं जाता।।

देव

इश्क़ सुकून है,

इश्क़ सुकून है,
इश्क़ इबादत है,
इश्क़ खुदा की दी,
अनमोल इनायत है।

इश्क़ बंदिगी है,
इश्क़ शराफत है,
इश्क़ अल्लाह,
इश्क़ ईश्वर का नाम है।।

जो इश्क़ नहीं,
नहीं मेरा नाम है,
मेरा इश्क़ मुझसे बेहतर है,
इश्क़ पर सब कुर्बान है।।

देव

प्यार में हिसाब करने लगा है

जिसे देखो, इम्तेहा ले रहा है,
अपनी तराजू पर, तोल रहा है,
पैबंद लगी चादर, ओढ़े बैठा है,
मखमल में कमियां ढूंढ रहा है।

मुसाफिर है सब, यहां मिले है,
कुछ पल को, सफ़र में, कर ले,
सफ़र ले हमसफ़र, तू क्यूं,
तन्हा सफर कर रहा है।

इश्क़ में खुदा है, इक बार,
दिल, लगा कर तो देख, मिलेंगी,
खुशियां बेहिसाब, तू क्यूं,
प्यार में हिसाब करने लगा है।

देव

A short story by Dev

क्रमशः

यही कोई पिछले 25 दिनों से वह अपनी किताब लिखने में व्यस्त थी। इन 25 दिनों में उसने कई उतार-चढ़ाव अपनी किताब में लिखे थे। कहानी को कई मोड़ों से मोड़कर यहा तक लेकर आई थी। बड़ी प्यारी सी कहानी लिख रही थी वह, दो दिलो की दास्तान, जो जिंदगी के सफ़र में काफी ठोकरे खाने के बाद एक मोड़ पर मिले थे। अब बस किताब के अंतिम कुछ पढ़ने बचे थे, लेकिन इस मोड़ पर आकर वह बड़ी शंका में थी कि आखिर इस कहानी का अंत कैसे किया जाए। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। पिछले 3 दिनों में वह 4 से ज्यादा बाहर कहानी का अंत लिख चुकी थी। लेकिन हर बार उसे कुछ अधूरापन सा लगता था। जैसे अभी और कुछ लिखना बाकी रह गया है। इसी कमी पेशी के चलते हुए अंत्य है उसने क्रमशः लिखकर किताब ही कर बंद कर दी।

देव

4 जुलाई 2020

लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक

लिहाफ ओढ़े बैठोगे कब तक,
रातों में तन्हा, रहोगे तुम कब तक,
नहीं जिंदगी, गुजरनी है ऐसे,
बहाने बनाते, रहोगे यूं कब तक।

तुम है नहीं तन्हा, हम भी यहां है,
मोहब्बत की ये इक, अजीब दास्तां है,
उमर है गुजरी, फिर भी जवां है,
बतादो ये चालीस नहीं, साल बीसवा है।

खबर है क्या उनको, क्या हमने किया है,
ग़ज़लों में किए, अपने किस्से बयां है,
तुम भी करो, कुछ तो करके दिखाओ,
बचे जो पल है, उन्हें जी कर दिखाओ।।

देव

4 जुलाई 2020

अम्माA short story by Dev

अम्मा
A short story by Dev

अम्मा काफी बूढ़ी हो चली थी। उसके चेहरे पर झुर्रियों की कतारें लगी हुई थी। यूं तो उसकी उम्र 65 साल थी मगर झुर्रियों ने उसके चेहरे पर कुछ ज्यादा ही उम्र लिख डाली थी । काफी सालों से अपने उस छोटे से मकान में अकेली रहती थी। हां अकेली थी मगर वह अकेली कहां थी।। उसके मकान के बाहर एक बड़ा सा नीम का पेड़ था रोज सुबह वह अपने घर को साफ करती थी और साथ ही नीम के पेड़ के नीचे गिरी हुई पत्तियों को झाड़ एक जगह इकट्ठा करके एक छोटे से गड्ढे में डाल देती थी। उसका रोज का नियम था सुबह जल्दी उठना फिर अपने घर की सफाई करना घर के कोने में छोटी सी रसोई बनी हुई थी, जिसमें अपने लिए दो रोटी सेक लेती थी। यूं तो उसके पास पर्याप्त धन था, जिससे वह अपना गुजर-बसर चला लेती थी। लेकिन चैन से बैठने की आदत नहीं थी। इसलिए दिन में मोहल्ले में निकल जाती थी और औरतों से मिलती थी। उनकी बातें सुनती थी, उनके किस्से सुनती थी, और अपने बालों की सफेदी के हिसाब से उन्हें सलाह मशवरा भी दे दिया करती थी। मोहल्ले की सारी औरतें उसे इतनी इज्जत देती थी। हां वह अकेली रहती थी मगर ऐसा नहीं था कि उसके संतान नहीं थी। काफी सालों पहले जब बच्चे छोटे थे उसका पति उसे छोड़कर जा चुका था। और धीरे-धीरे उसने अपने बच्चों को पाला, पढ़ाया बड़ा किया और 1 दिन बच्चे भी उसे छोड़ कर चले गए थे। एक बार गए तो कहां वापस आते थे। वह अपनी दुनिया में रम गए थे। और यह थी एक आस लगाए बैठी थी कि दिन उसके बच्चे आएंगे। और यूं ही इतने साल गुजर गए कि अब तो शायद बच्चे चेहरा भी ना पहचान पाए। लेकिन उसने मोहल्ले के बच्चों में अपने बच्चों को देखा और उनकी सहायता करने में जुट गई।

कोने वाले घर में नई नवेली दुल्हन शादी होकर आई थी। बड़ी प्यारी सी थी छोटी सी बच्ची, लेकिन कुछ ही दिनों में उसका चेहरा मुरझाया हुआ सा दिख रहा था। अम्मा ने जब जाने की कोशिश करी तो हतप्रभ रह गई। उस छोटी सी बच्चे को घर में काफी प्रताड़ित किया जा रहा था, क्योंकि वह अपने साथ दहेज नहीं लाई थी। जब अम्मा ने उसके ससुराल वालों से बातें करी तो काफी खरी-खोटी सुनने को मिली। लेकिन अभी कहां चुप बैठने वाली थी और उस छोटी सी बच्ची की सहायता करने की ठान ली। एक दिन तो कुछ अनर्थ होते होते रह गया । उसे उस बच्ची की आवाज सुनाई दी। वह उस घर तक गई तो देखा बच्ची के चिल्लाने की आवाज आ रही थी।

हाय रे यह क्या अनर्थ हो रहा है तुम लोग इतनी बुरी तरह से इस छोटी सी बच्ची को क्यों पीट रहे हो क्या इनकी जिसकी जान ले लोगे।

उसे लगा कि यह तो इस बच्ची को जान से मार डालेंगे। किसी तरह से छुड़ाकर वह उस बच्ची को अपने घर ले आई। लेकिन उसके ससुराल वाले कम नहीं थे और रात के अंधेरे में अम्मा के घर में आग लगाने का षड्यंत्र बनाया। रात में एक बच्चे ने भागकर आकर अम्मा को बताया तो अम्मा परेशान हो उठी और तुरंत अपने पलंग के नीचे से संदूक निकाला। अपनी सारी कमाई उस बच्ची के हाथ में रख कर बोली, बेटा तो तुरंत यहां से भाग जाओ और लौट कर मत आना। वह बच्ची परेशान अम्मा की तरफ देखने लगी । अम्मा ने कहा तू मेरी फिक्र ना कर। मुझे कोई कुछ नहीं कहेगा और बच्ची को आश्वासन देकर रात के अंधेरे में भगा दिया। लेकिन अब क्या कर सकती थी और थोड़ी देर में उसके घर मैं आग लगी हुई थी सुबह तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

कुछ दिनों बाद वह बच्ची अपने माता-पिता के साथ अम्मा को संभालने आई। उसके माता-पिता अम्मा को धन्यवाद देना चाहते थे। लेकिन जो कुछ हुआ वह देखकर माता-पिता हतप्रभ रह गए। जब पड़ोसियों से पूछा तो किसी ने अम्मा के जले हुए घर में से बचा हुआ सामान दिखाया। उन्हीं में से बच्ची के पिता को एक फोटो दिखी और उसके पैरों के तले से जमीन खिसक गई। शायद उसके बच्चों ने पहली बार अपने पिता की यह हालत देखी थी। 25 साल बाद उस पिता ने अपनी मां की सूरत देखी थी।

देव

2 जुलाई 2020

हिन्द ही हिन्द है चमका, जग में है अब

देश वही है, बस सोच बदल गई अब
देश भक्ति जताने की, रीत नई अब,

राम की मर्यादा निभा चुके काफी है हम,
कृष्ण का दर्शन समझ, चले है हम अब।

अन्याय के आगे झुकते नहीं है हम अब,
कर सकते एक और, महाभारत हम अब,

अर्जुन, अग्नि, तेज से सजी है सेना अब
कदम नहीं अब पीछे, करेंगे हम अब।

बिना अस्त्र शस्त्र के भी, जीते हम अब,
शास्त्रों से भी धूल चटा सकते है हम अब।

दुनिया ने माना है, अपना लोहा हमसे अब,
हिन्द ही हिन्द है चमका, जग में है अब।

देव

2 जुलाई 2020

मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी

अश्क तेरे बहने से पहले,
आंखे मेरी भर आएंगी,
तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,
मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी।

बेवजह क्यूं तुम शरमाते हो,
यूं दिल में, उतर जाएगी,
तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,
मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी।

हाथ अपना, ना बढ़ाना जरा,
थाम लूंगा तो, उम्र गुज़र जाएगी,
तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,
मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी।

शौक मोहब्बत का, लगा है मुझको,
इश्क़ बेपनाह, तू पाएगी,
तेरा चेहरा मुस्कुराता रहे,
मेरी ख्वाहिश, यही चाहेगी।

देव

2 जुलाई 2020

प्यार बांटता चला।

ना मायूस, ना बैचैन, ना निराश हूं,
जीता हूं जिंदगी अपनी,
बंदा मैं बिंदास हूं,

इश्क़ खुद से भी है, और खुदा से भी,
प्यार मिलता रहा और मैं,
प्यार बांटता चला।।

देव😉

2 जुलाई 2020

मैं जरा उड़ना चाहता हूं।।

परिंदा बन, दूर तक जाना चाहता हूं,
मैं जरा उड़ना चाहता हूं।

कब तक रहूंगा, बंदिशों में जमाने की,
कैद हो घर की, चारदीवारी में,
दूर, बहुत दूर, तक जाना चाहता हूं,
मैं जरा उड़ना चाहता हूं।

फिक्र सारी जला, बेपरवाही की आग में,
ख्वाबों जो सजाए है अपने वास्ते,
उन ख्वाबों को जीना चाहता हूं,
मैं जरा उड़ना चाहता हूं।

परिंदा बन, दूर तक जाना चाहता हूं,
मैं जरा उड़ना चाहता हूं।।

देव

3 जुलाई 2020

A very very happy, doctors day

To beautiful and handsome doctors….

If needed life line,
You brings life in that line,
Some times with your loving words,
Some times with just a glass of wine,

People say, an apple in a day,
Keeps the doctor away,
So i dont eat apple as,
You are the people,
I wanna meet everyday,
How can i be away,

We have lots of pain,
But it is said,
Love heals every pain,
So i love you all, everyday
A very very happy, doctors day.

Dev

1 जुलाई 2020

कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

टूटे हुए दिल को, सीने की कवायद कर रहे है,
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

कांच के टुकड़ों को जुड़ते, क्या देखा है कभी,
टूटे ख्वाबों को मेरे, जोड़ने का जतन कर रहे है।
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

चोट दिल पर है लगी, मरहम लगाते है बदन पर,
कर बातें पुरानी, जख्मों को हरा कर रहे है,
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

घर शीशे का बना, मुझ पर कसीदे कर रहे है,
घोप खंजर पीठ में अपनों के, मेरे यार बन रहे है,
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

देव

1 जुलाई 2020

दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।

ये मेरा पागलपन है,
या तेरी मोहब्बत का असर,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

जख्म खाए है इश्क़ में मैंने,
फिर भी तुझपर यकीं करता हूं,
रूबरू तुझसे मुलाक़ात नहीं,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

अक्स मेरा हो , तू नजर आती है,
घड़ी भर ना, तू दूर जाती है,
तुझसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

देव

1 जुलाई 2020

मगर तुम साथ होती,तो कुछ और बात होती

सफ़र तो यू भी, कट जाएगा,
तुम्हारी यादों के सहारे,
मगर तुम साथ होती,
तो कुछ और बात होती।

महफ़िल थी, मगर तनहाई भी थी,
लोग थे बहुत, कोई हमसफ़र ना था,
अब मैं हूं और तेरी यांदे है,
मगर तुम साथ होती,
तो कुछ और बात होती।

वक़्त भी है अब, और मौसम भी,
शराब है और जाम भी,
पी रहा हूं, नाम तेरा लेकर,
मगर तुम साथ होती,
तो कुछ और बात होती।

सफ़र तो यू भी, कt जाएगा,
तुम्हारी यादों के सहारे,
मगर तुम साथ होती,
तो कुछ और बात होती।

देव

30 जून 2020

मुझे कुछ हो गया था

खुली जुल्फों को लहराते हुए,
झुकी पलको को उठा, हौले से,
तुमने जब देखा मुझे, मुस्कुरा कर,
सब कुछ तब ही बदल गया था,
मुझे कुछ हो गया था।

दबा कर ख्वाहिशों को, बैठा था कबसे,
जमाने में खोया था, लेकिन
ना थी मोहब्बत खुद से,
मिलकर तुझसे, कुछ पल,
मैं खुद से मिल गया था,
मुझे कुछ हो गया था।

कभी तलाश थी तेरी,
अब इंतेज़ार है तेरा,
तेरा तुझको पता होगा,
अब ये दिल नहीं मेरा,
तुझमें मेरा बहुत कुछ, खो गया था,
मुझे कुछ हो गया था।।

देव

29 जून 2020

ख्वाब

ख्वाब,
काश! ख्वाब,
बस ख्वाब ही जिंदगी होते,
हम हर पल, तेरे करीब होते,
तेरे पहलू में रख सिर अपना,
ख्वाबों में फिर खो रहे होते।

ख्वाबों में सही, हकीकत होती
तेरे चेहरे पर, मुस्कुराहट होती
बंद दरवाजे, गमों को होते,
खुशियां तेरे आंगन में, खेलती होती।

ख्वाब तेरे, मेरी तमन्ना होते,
तेरे क़दमों में, जहां सारे होते,
खुदा ख्वाहिश कभी को पूछता,
तेरे ख्वाबों, की फेरहिस्त देते।

देव

28 जून 2020

कुछ अनसुलझे से किस्से

कुछ अनसुलझे से किस्से,
कुछ अनकही बाते,
कुछ अनजान रिश्ते,
बचे है तेरे मेरे बीच,

थोड़ा वक़्त निकाल लो,
जरा पास बैठो तो कभी,
माना, हो दूर बहुत,
थोड़ी बातें तो कर लो कभी,

कभी याद भी कर लिया करो,
कभी, कुछ और भी पूछा करो,
अच्छा हूं, तो सब जानते हो,
क्या सोच रहे हो, पूछ लिया करो,

अभी है वक़्त, थाम लो,
फिर गुज़र जाएगा,
जो आज है, क्या पता,
कल ना वो रह पाएगा,

इसीलिए,
थोड़ा वक़्त निकाल लो,
जरा पास बैठो तो कभी,
माना, हो दूर बहुत,
थोड़ी बातें तो कर लो कभी।

देव

28 जून 2020

ये आबरू है मेरी, कब तुम्हे नीलाम हुई

जरा सा बात हुई, आंखे चार हुई,
जरा सा मुस्कुराने में, मोहब्बत बदनाम हुई।

हाल ही तो पूछा था, यू ही दो पल को
जरा सा छू क्या लिया, नींद उनकी बर्बाद हुई।

इंसा मैं भी हूं, थोड़ा जीना देदो मुझे,
मेरी बिंदासी पर, क्यूं सवालों की बौछार हुई।

बेसबर वो है, और कहते है बे अदब मुझे,
ये आबरू है मेरी, कब तुम्हे नीलाम हुई।।

देव

26 जून 2020

बस, अब और ना बदलना

तुम पहले तो कभी ऐसे नहीं दिखे,
जो अब दिख रहे हो,
सोचा ही ना था, कभी तुम्हे प्यार करूंगी,
हां, कोई वक़्त था जब लगता था,
थोड़े खुसंट से होगे, और कपड़े,
पहनने का सलीका भी कहा था,
धीरे धीरे वक़्त निकलता रहा,
सोच बदलती रही, तुम्हे और जाना,
बड़े सीधे से थे तुम, बड़े सच्चे से,
सच कहूं, वो तो अब भी हो,
मगर अब बहुत बदल गए हो,
प्यार तो होना लाजमी है,
मगर अब पा नहीं सकती,
तो बस, चाहती हूं, दिल से,
चाहती हूं, एक दोस्त की तरह,
बस, यू ही रहना, ये शायद
तुम्हारा सबसे प्यारा वर्जन है,
बस, इसे ना बदलना,
बस, सच्चे ही रहना,
बस, अब और ना बदलना।

बड़ी खुश हू, तुम्हे प्यार ही गया,
उम्र के इस पड़ाव में,
तुम्हे कोई अपना सा मिल गया,
जानती हूं तुम्हे, तुम चाहते हो,,
यकीं करो, आज नहीं तो,
कल उसे अहसास होगा,
हां, यकीं है, उसे भी प्यार होगा,
तहे दिल से, बस,
उस यू ही चाहते रहना
तुम बिल्कुल ना बदलना,

तुम्हारी कविताओं से खींचा है,
मैंने चित्र उसका, सच में,
हंसी नहीं है कोई दूजा उससा,
उसकी हर अदा को तो,
लिख डाला तुमने,
हर लब्ज़ में अपने,
उस उतारा तुमने,
यूं ही उसके खातिर,
लिखते रहना,
बस, अब और ना बदलना।।

देव

26 जून 2020

डिजिटल शिक्षा

टेकनोलॉजी का प्रसार,
काम कर रहा है, कंधो के भार,
जो पहले विरोधी थे, वही
दे रहे है, डिजिटल से शिक्षा अपार।

डॉक्टर द्वारा दिए, लेक्चर्स अपार
जिसे देखो, भेजने में लगा था,
मेसेज हजार,
कभी आंखो की, तो कभी दिमाग,
हो जाएगा खराब,
बच्चो को बचाओ अपने,
करो कम, मोबाइल लैपटॉप
टीवी पर बिताया वक़्त अपार।

और कांधे पर लेकर जाते जब,
भारी भरकम बस्ते का भार,
माता पिता समाजसेवक का
हुआ स्कूल में प्रदर्शन अपार।

अब जब, बात भविष्य की आईं
इंटरनेट की बारी आई,
देखो, नहीं बुरा है डिजिटल,
पड़ रहे है बच्चे अब घर पर।

देव

25 जून 2020

बस, एक बहाना ही तो चाहिए

बस, एक बहाना ही तो चाहिए,
तुझसे बात करने को,
यूं ही कहा अब तुझसे,
बात होती है।

यूं तो अक्सर,
कुछ पल गुज़र जाते थे साथ,
अब कहा तुझसे, हर रोज
मुलाक़ात होती है।

देव

25 जून 2020

ठंडी आइसक्रीम, और यार, तेरा साथ

तुझसे वो अचानक मुलाक़ात,
कुछ बातें, कुछ अल्फ़ाज़,
थोड़े जो बांटे हमने जज्बात,
कुछ गर्म हवा, कुछ ठंडा अहसास,
तुम्हारी, वो छोटी छोटी बात,
बस, इस शहर में, यही तो है याद
ठंडी आइसक्रीम, और यार, तेरा साथ ।

देव