Random Thoughts

[24/07, 7:43 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कहां है जिंदगी, ढूंढा हर जगह,
तलाश भी तेरे आगोश में, ख़तम हुई मेरी।।

देव
[24/07, 7:45 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अल्फ़ाज़ तेरे, घर कर गए,
जेहन में मेरे यूं,
तू हो कहीं, पर है यही,
कहीं करीब मेरे।।

देव
[28/07, 11:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

Sometimes co-incidentaly,
life takes us to unexpected route,
what we love most,
but there is no exit,
except a u-turn.
Still, enjoy it..

Dev
[28/07, 11:14 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

चंद लम्हों की मेहमान, बची जिंदगी हो जब,
चंद लम्हे तेरे इश्क़ में, गुज़र जाए तो, क्या बात हो।

देव
[28/07, 11:16 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तकल्लुफ ना करो तुम, याद करने का जरा मुझे,
मैं बेतकल्लुफ़ है, जेहन में, तेरे मौजूद हूं हर पल।।

देव
[28/07, 12:40 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बेशक वो अजीज है मेरे,
वक़्त ए गुफ्तगू नहीं मिलता।।

देव
[28/07, 8:17 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अब कहा दरख्तो के नीचे मुलाक़ात होती है,
मोहब्बत में भी अब, मोबाइल की दरकार होती है।।
[29/07, 10:32 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

भूल जाने की हर कोशिश…… तुझे
ले आई, और करीब…… मुझे।
देव
[29/07, 10:33 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

सोचता हूं, भूल जाऊं… तुझे,
हर वक़्त याद करके…. तुझे।।

देव
[29/07, 10:35 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरी किताब से हर पन्ने पर,
लिखवा कर नाम, खुद का,
कहते है, जाया ना करो,
स्याही मुझ पर।।

देव
[29/07, 2:34 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर अल्फ़ाज़ में शामिल हो, तुम अ बनकर,
अहा या आह सब, अधूरा है बिन तेरे मेरा।।

देव
[29/07, 4:32 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

पर्दे में से आती नजर, निगाहें तेरी,
बता रही है, मुझे पूरी, कहानी तेरी,
कुछ अधूरी सी है, जिंदगानी तेरी,
खुदाया, पूरी करे, हर तमन्ना तेरी।।

देव
[29/07, 9:30 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

नहीं जानता, क्या है कहते,
दो पलो के रिक्त स्थान को,
मगर, बस यादें है तेरी,
जो भरती है, मेरे, उस अंतराल को।।

देव
[29/07, 9:35 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जरूरी नहीं, कि मिले हम,
हर किस्से, हर बयान में,
मगर, यकीं है, होगा जिक्र,
हमारा, किसी दास्तान में।।

देव
[03/08, 12:21 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उसने पूछा, क्या कभी खुदा का नाम भी है लेता,
मैंने कहा, हां, अक्सर उदास चेहरों को हूं, हंसा देता।।

देव
[03/08, 10:26 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ इस तरह, वो सफ़र खत्म हुआ,
वो बिन मुड़े, चलते चले गए,
और हम, क़दमों के निशा, सम्हालते रह गए।।

देव
[04/08, 12:12 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अब सोचता कम हूं, जीता ज्यादा,
किया है, खुद से, यही एक वादा।।

देव
[04/08, 12:13 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अल्फाजं कम पड़ने लगे है, लगता है,
दूर किसी से, बहुत होने लगे है।।

देव
[04/08, 12:16 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बेकदर, ना वो कभी थे, ना बेहया हम कभी,
जाने क्यूं, बेनाम वो भी है, बदनाम हम भी।।

देव
[04/08, 1:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

गुरूर ब्रह्मा गुरूर विष्णु,
गुरु देवो महेश्वरा,
गुरु साक्षात परब्रह्म,
तस्मै श्री गुरुवे नमः
[04/08, 9:53 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उसके मयखाने में तो शराब, अब भी बाकी है,
हम ही नहीं जाते,
अब नशा जिंदगी में आने लगा है।।

देव
[06/08, 10:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

क्या दुनिया से सुनी अनसुनी बांतो को,
तोलने टटोलने में, वक़्त जाया करती हो,
इक बार, अपने दिल से ही पूछा होता,
पता चलता, तुम क्यूं इतना मुझे सोचती हो।।

देव
[07/08, 9:20 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम भी चुप रही, मैं भी कुछ ना बोला,
बहुत कुछ ले गया, वो वक़्त जिंदगी का।

देव
[10/08, 10:22 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उसकी खामोशियां भी बहुत कुछ कह जाती है,
यूं ही नहीं, तस्वीर उसकी, देखता हूं हर पल।।

देव
[10/08, 10:28 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कैसे मान लूं, मोहब्बत नहीं है उन्हें हमसे,
वो खास मानती है, और कुछ कहती भी नहीं।।

देव
[11/08, 12:41 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हां, गुजर गए कुछ साल, यू ही,
मगर, जिंदगी बाकी है, जीयूंगा,
इतना भी नहीं टूटा हूं, तेरे गम में,
कि जाम भर कर, शराब पियूंगा।।

देव
[11/08, 12:49 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मैं तो तब ही निकल गया था आगे,
बाहों में किसी और के, देखा था तुझको,
मेरा इश्क़ इतना भी कमजोर नहीं,
कि जिंदगी तेरी यादों में, गुजार दूंगा।

देव
[12/08, 8:12 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरे ख़्वाबों के रंगों को, पंखों पर उतार अपने,
उड़ चली है तितली सी, पूरे करने अपने सपने।।

देव
[12/08, 10:30 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आसान नहीं है, दूर तुझसे, यू हो पाना,
ना तेरे पास आने का, जरिया है नसीब हुआ हमे।।

देव
[12/08, 10:30 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आसान नहीं है, दूर तुझसे, यू हो पाना,
ना तेरे पास आने का, जरिया नसीब हुआ हमे।।

देव

मेरे इश्क़ में यही, खामियाजा है,खुद से कम, तुझसे ज्यादा है।।

मेरे इश्क़ में यही, खामियाजा है,
खुद से कम, तुझसे ज्यादा है।।

तेरे इश्क़ में, यही खामियाजा है,
मुझ से कम, खुद से ज्यादा है।।

रह गया, मैं कहीं पीछे,
तू पल में, आगे चल पड़ी,
मंजिले मेरी तू बनी,
तेरी राहें, मुझसे ना मिली,
वक़्त कम, रास्ता आधा है।

खुद से कम, तुझसे ज्यादा है…

इश्क़ है, तो कह दो तुम,
यूं नहीं, चुप रहो तुम,
दिल की बात है,
जरा सुन भी को तुम,
सांस कम, जहां आधा है,

खुद से कम, तुझसे ज्यादा है…

देव

राधे – कृष्ण का ये रूप है।

बड़े मोहक से,
राधा में कृष्ण बसे,
मुरली की धुन पर देखो,
कैसे गोपियां चले।

रंग राधा का पाया,
कृष्णा स्वरूप अपनाया,
बांसुरी दाले कमर में,
मोर पंख माथे लगाया।

रूप कैसे ना होवे,
कृष्णा जो आन बसे,
राधा स्वयं, क्यूं ना दिखे
कृष्णा का, रूप धरे।

रूप तेरा प्रखर है,
स्वयं प्रभु का, स्वर है,
तेरी आभा प्रचुर है,
राधे – कृष्ण का ये रूप है।।

देव

तिरंगा

मिटा दू मैं अपनी पहचान, तेरे वास्ते पल में
तू मुझको, तेरे होने का अहसास करा दे,

तू है वही, जो मिलता है, हर साल दो बार,
तू हर रोज, हर गली में मिल कर दिखा दे,

है इश्क़ आज भी मझे, हद से ज्यादा, तुझसे,
है इश्क़ तुझे मुझसे, तो आज दिखा दे,

निकलूंगा पहन तिरंगा, बेखौफ जहां में,
तिरंगा तू इक बार, तेरा है बता दे,

नजर आता है, अक्सर तू,बाद मातम में, शहीदों के,
तेरा चेहरा, जरा हर शख्स में, इक बार दिखा दे,

चल, करता हूं, शुरुआत, मैं अपने से, अभी से,
तू मुझको, बेटा अपना, चिल्ला कर, सबको बता दे,

देव

तेरे साथ कुछ पल में, बरसो जी लेता हूं,

तेरे साथ कुछ पल में,
बरसो जी लेता हूं,
तेरी याद में, अक्सर,
दो जाम पी लेता हूं।

कौन कहता है नशा,
शराब की तासीर है,
फिर क्यूं, तेरी नज़रों को,
देख, नशा होता है।।

तेरी याद में….

मेरी रूह, तेरी रूह को,
जानती है कुछ यू कि,
तू ना मिले, तेरी यादों में,
वक़्त गुजार लेता हूं।।

तेरी याद में….

लोग तो यूं ही, बनाते है,
बाते, तेरी और मेरी,
उन्हें क्या पता, इश्क़ में,
क्या मजा होता है।

तेरी याद में….

यूं ही तेरी बेफिक्री पर,
फिदा नहीं हूं मै,
मोहब्बत है तुझसे, तो
खौफ कहा रहता है।।

तेरी याद में….

तू चाहती है मुझे,
पता है मुझको, तेरी नीयत का,
बयां करदे इक बार,
क्यूं तू बेकार ही, यूं तड़पती है।।

तेरी याद में….

माना, है मेरा अशिआना
झोपड़, तेरे महल के सामने,
रंक कब बन जाए राजा,
यकीं, खुदा पर क्यूं ना करती है।

तेरी याद में….

फिर से बोलता हूं, हां,
मोहब्बत है तुझसे, बता,
ये बात बोलने से,
क्युं, इतना तू डरती है।

तेरी याद में….

देव

11 August 2020

उसके एक दीदार का असर,मुझे जड़ सा, कर गया था।।

आज यू ही, उसकी गली में,
जाना हुआ, और उसका,
सही वक़्त पर, देहलीज
से बाहर आना हुआ,
यूं ही नहीं, नजरें उसका
इंतेज़ार करती है, उसके,
गुजरने पर, यू ही नहीं,
सबकी निगाह रहती है,
और आज, आज तो जैसे,
रोशन यू ही नहीं, मोहल्ला है,
उसके कांधे से लटकता, साड़ी का,
पल्लू, उसके हाथो में घुमा है
बंधेज की नीली साड़ी में,
कुछ ज्यादा ही, जुर्म ढहा रही है,
जैसे बादलों में सासे, चमकती सी
बिजली चली आ रही है,
उसकी पलको का, उठ कर झुकना,
फिर ठहर कर उठना,
कहते हुए कुछ बात, पल में,
ठह ठाहा कर हसना,
साड़ी के पल्लू को, अंगुलियों में
उलझना, फिर सुलझाना,
एक एक कदम, बलखाकर
झट से आगे बढ़ जाना,

जाने, कब से चला जा रहा था,
या वही, स्तब्ध सा खड़ा था,
उसके एक दीदार का असर,
मुझे जड़ सा, कर गया था।।

देव

10 August 2020

मुझे मेरी जिंदगी से, मिला गई

जिंदगी, खड़ी इंतेज़ार कर रही होगी
उसी मोड़ पर, जो कभी, छूट गया था,


मंजिल की तलाश में, जो ना मेरी थी,
अफसोस, फिर भी चले जा रहा था


परायों के शहर में, अनजान था मगर,
गरूर से, अपना बता रहा था, वो तो,


शुक्र है, जिसे सबने कोसा, वही मुझे
मेरी मंजिल से, मिलाने चल पड़ी,


जिससे जिंदगी बचा रहे थे लोग, वही
मुझे मेरी जिंदगी से, मिला गई।।

देव

10 August 2020

बस तेरा नाम, लिखता गया

मुस्कुरा कर, बड़ी आसानी से,
कह गई वो हाल ए दिल,
और हतप्रभ सा खड़ा,
देखता, मैं रह गया।

यूं तो बातें जमाने, भर की,
करी तसल्ली से उससे,
बस उसकी, तारीफ में,
लब्ज़ ढूंढता मैं रह गया।।

वक़्त, कहां कम रहा,
मेरे खाते में कभी,
उसके करीब कुछ पल में,
दिन पूरा, गुज़र गया।।

कई किस्से, कहानियां,
लिखी है मेरी किताबों में,
हर किरदार को भुला,
बस तेरा नाम, लिखता गया।।

देव

10 August 2020

तेरी मुस्कुराहट बता रही है,

कुछ तो बात है, तेरी
मुस्कुराहट बता रही है,
ये फूल है, या तेरी
भिनी भिनि खुशबू,
जो उपवन को,
महका रही है, लगता है,
गुल ने भी तेरे लबों से,
लिया है कुछ रंग उधार,
तभी तो इतना, इतरा रहा है,
यूं ही नहीं, घुमा कर चेहरा अपना,
एक दीदार के लिए,
सबको यू तड़पा रहा है,
तेरी नज़रों का, कुछ तो असर है,
यूं ही नहीं पल में, लब्जो का,
ये सिलसिला,
यू ही, चले जा रहा है।।

देव

09 August 2020

जाने कितना चला,जाने कितना रुका

रुक रुक कर चला,
चल चल कर रुका,
जाने कितना चला,
जाने कितना रुका।।

कभी सांसे चढ़ी,
कभी सांसे थमी,
डगमग डगमग,
कभी चाल हुई।
कभी सूरज था,
कभी रात हुई,
कितनी शाम सुबह,
कब निकल गई।

मैं चलता गया,
बस चलता गया।।

कुछ साथ मिले,
कुछ। छूट गए,
कुछ अनजाने थे,
पर। चलते। रहे,
कभी नज़रे उठी,
कभी नज़रे झुकी,
कभी नज़रे मिला,
नज़रों बेगानी हुई।

मैं चलता गया,
बस चलता गया,
जाने कितना चला,
जाने कितना रुका।।

देव

06 August 2020

मग्शूल हूं, मैं उसमें,वो तल्लीन सी, है मुझमें

इश्क़ है पर, मंजिल कहां,
बस रास्ते है, और रास्ते,
थामे दामन, यार का,
चलते चले, हम राह पे।

रुकते कभी, मुड़ते कभी,
क्या होगा कल, ना सोचा कभी,
देखे जमाना, अक्सर यहां
बेखौफ से, है हम यहां।

शाम क्या, और क्या सुबह,
रात गुजरती है बे वजह,
मग्शूल हूं, मैं उसमें,
वो तल्लीन सी, है मुझमें।

देव

06 August 2020

जरा बता दे, तेरे लबों पर, ये निशानी क्यूं है।

तेरी हंसी में, कुछ अलग बात है आज
जरा बता दे हमे, क्या है इसका राज,

मुस्कुरा कर, खुद ही से, शर्मा क्यूं जाती है,
कौन है वो, जिसके पहलू में, तू छुप जाती है,

बेसबर रहती है, क्यूं आजकल, बता दे जरा,
ये इंतेज़ार है, क्या उसका, जिससे था इश्क़ करा,

यूं ही अनजान सी शाम में, बेगानी सी तू है,
जरा बता दे, तेरे लबों पर, ये निशानी क्यूं है।।

देव

06 August 2020

तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।

तेरे हुस्न का आलम, फिजाओं पर दिखता है,
कहा हवाओं में वरना, सुरूर होता है,

तेरे केषुओ की खुशबू से, गुलाब गुल होता है,
तेरे कहकहों की बारिश से, फूलों से चमन खिलता है।

तू है, तभी तो हम है, हम है वही, जहां तुम हो,
तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।।

देव

04 August 2020

तेरी हंसी के सदके, ये जहां कर दू,

तेरी हंसी के सदके, ये जहां कर दू,
मैं तेरे नाम, कुरबा अपना नाम कर दूं।

तेरे हुस्न का आलम, फिजाओं पर दिखता है,
कहा हवाओं में वरना, सुरूर होता है,

तेरे केषुओ की खुशबू से, गुलाब में गुल होता है,
तेरे कहकहों की बारिश से, फूलों से चमन खिलता है।

तू है, तभी तो हम है, हम है वही, जहां तुम हो,
तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।।

देव

04 August 2020

रक्षाबंधन

बस, एक धागा, कुछ चावल के दाने,
और माथे पर सिंदूर का तिलक,
और साल भार का, निस्वार्थ प्यार,
यहीं तो है, रक्षबंधन का त्योहार।

बहन भाई या गुरु शिष्य का संबंध,
व्यापारी है तो ग्राहक से अनुबंध,
कभी दोस्तो के हाथ पर दोस्ती की डोर,
कभी भक्त और भगवान का बंधन।

हर कोई अपने, तरीके से मनाता है,
कैसा है ये बंधन, प्यार से हर कोई बंध जाता है,
ये भारत वर्ष है, कई त्योहार मानता है,
मगर, राखी का, अपना अलग एक नाता है।।

देव

03 August 2020

क्यूं ना बहन के राखी बांधी जाए

यूं तो कहते है, रीत को कुरीत ना करो,
जो है, उसे वैसे ही करते रहो,
मगर, यू ही क्यूं हम बदलाव की बात करते है,
क्यूं नहीं हम कुछ नया शुरू करते है,
क्यूं बस बहनों को ही, सुरक्षा की
जरूरत होती है भाई से,
क्यूं नहीं, भाई कमजोर हो सकते है,
क्यूं लाचार बस औरत को समझते है,
क्यूं नहीं उसकी, शक्ति पर, यकीं करते है
क्यूं जिसे पूजते है, वही प्रार्थना करती है,
क्यूं दुर्गा, काली को, रक्षा की जरूरत पड़ती है,

इसीलिए, कुछ बदलाव चाहिए, सो किया,
राखी का त्योहार, कुछ अलग ढंग से किया,
इस बार, क्यूं ना बहन के राखी बांधी जाए,
क्यूं ना, उपहार में, ढेर सारा आशीर्वाद लिया जाए,
क्यूं ना समाज को एक नई दिशा दी जाए,
क्यूं ना, एक नए युग का, सूत्रधार बना जाए।।

देव

03 August 2020

काश! वक़्त कुछ और पल, वही रुक जाता

तेरे लब्जो से निकलती, वो लगातार बातें,
और मेरी नज़रों का, तुझे यूं एकटक देखना।

कभी सोचा ना था, सपनों में भी, जो सपना,
मेरे करीब, उसका, इतने करीब बैठना।

उसके हाथो का, होले से, मुझ तक सरकना,
मेरी अंगुलियों का, उसके हाथों को छूना।

बोलते बोलते, उसका, कुछ रुक सा जाना,
पलकें उठा कर, देखना, होले से फिर से झुकाना।

काश! वक़्त कुछ और पल, वही रुक जाता,
कुछ पल में, अनगिनत, जीवन में जी जाता।।

देव

02 August 2020

अब जाना, अब वो इतनी तन्हा क्यूं है

बुझने से पहले शमां के हालात पर तरस आया,
क्यूं बिलख बिलख कर, उसको रोना आया,

जिसे अपनी गर्माहट, पर गुमान था कभी,
जिसने परवानों को, पल में जला दिया कभी,

अब जाना, अब वो इतनी तन्हा क्यूं है,
उसके हाथो में, इश्क की लकीर, नदारद क्यूं है।।

देव

02 August 2020

सफ़र ही तो है, ये जिंदगी

सफ़र ही तो है, ये जिंदगी,
बस चल रही है, राहें ना जाने,
कितनी, हर मोड़ पर मिल रही है,

मिल रहे है मुसाफिर, कुछ अनजान,
कुछ पहचान, करते जा रहे है,
कुछ आगे बढ़ते जा रहे है,
कुछ छूटते जा रहे है,

हाथ बहुत है, मगर
थामे किस तरह,
जो हमको चाह रहे है,
उनसे दूर जा रहे है,
जिन्हे हम चाह रहे है,
वो कुछ और चाह रहे है।

ठहरे ज़रा जब हम,
लगी ठहरी सी जिंदगी,
देखा जब मुड़कर से फिर,
प्यारी थी जिंदगी,
हम फिर भी जाने क्यूं,
कोसे जा रहे थे,
और देखो, जो रह गए थे कहीं,
वही पास आ रहे थे।

देव

02 August 2020

अल्लाह ईश्वर ईसा, सब एक है।

किसने देखा है, की खुदा खुदा है,
और भगवान, भगवान, और अगर,
देखा है, तो हमे भी दिखाओ,
इन दोनों में फर्क बतलाओ,
या बस, ये फर्क जगह और ज़ुबान,
की देन है, किसी ने अल्लाह कहा,
किसी ने ईश्वर नाम दिया,
मगर, ये सब जानते है, कि सब का,
कर्ता धरता तो एक ही है, तो फिर
अलग कैसे, या बस ये एक भ्रम है,
अल्लाह ईश्वर ईसा, सब एक है।।।

देव

1 aug 2020

Who dont deserve you

Wait for the one, who loves you,
Wait for the one, who feels for you,
Pls dont wait, for whom,
Who dont deserve you

Life is beautiful, fill this with glad,
This and that happens, why to be sad,
Pls dont be sad, for whom,
Who dont deserve you,

Past is the past, you dont know future,
Live every day, like last day, that must be nature,
Pls dont waste a day, for whom,
Who dont deserve you…

Dev

30 July 2020

हैसियत

अरे, हैसियत ही दिखानी थी,
तो अपनी मोहब्बत जताते,
बदले में, हद से ज्यादा
मोहब्बत पाते,
जिंदगी गुजार जाती,
खर्च करते करते,
सिक्के पर रुपए का ब्याज पाते,
मगर, तुमने चंद सिक्को में,
औकात गिना डाली,
अपनी किस्मत से,
मोहब्बत मिटा डाली।।

देव

30 july 2020

मैं जीत कहां से पाऊंगा

मैं मुझसे जुदा हो गया तो,
मैं कहा रह पाऊंगा,
मैं, मैं कहा रह पाऊंगा,
क्षण में भ्ंगुर हो जाऊंगा।

तुम लाख कोशिशें कर लेना,
नहीं फिर मिल मैं पाऊंगा,
इक बार जो टूटी डोर, तो फिर
बंध कर मैं नहीं, रह पाऊंगा।

स्वछंद नदी सी धारा जैसी,
गति जो मैंने पाई है,
बांध बना दोगे गर इस पर,
फिर से कहां बह पाऊंगा।

मलय से शीतल पवन बना,
रखता हूं, शीतल जीवन यहां,
मलय मिटा दोगे तुम तो,
मैं वर्षा कहां से लाऊंगा।

मैं हिम कहीं, कहीं गुरु शिखर,
गोवर्धन बन कर खड़ा कहीं,
तुम शीश झुका दोगे मेरा तो,
मैं तुम्हे छिपा कहां पाऊंगा।

पौरुष्या मेरा, और निखर गया,
विपत्ति में अडिग था खड़ा रहा,
तुम डर पर विजय ना पाओगे तो,
मैं जीत कहां से पाऊंगा।।

देव

राह ना भटको

राह ना भटको, फिर से देखो,
क्या ये जरूरी है,
क्यूं छोड़ चले, पल में सबको,
कैसी ये मजबूरी है।

धरम हमारा, फक्र हमारा,
फिर, क्यूं यूं तुम, मुंह मोड़ चले,
प्यार यहां क्या, कम पड़ गया,
जो पल में, सब यूं छोड़ चले।

जन्म दिया, जिस मां ने तुमको,
जिस पिता ने, सुख था वार दिया,
एक अनजान के खातिर क्यूं तुम,
उन्हें बिलखते, छोड़ चले।

सखियां, जिन संग बचपन बीता,
अंगना जिसमे बचपन बीता,
भाई बहन के रिश्ता भूले,
बीच मंझधार में, छोड़ चले।

जरा तो बैठो, सोचो समझो,
है मुश्किल तो, मशवरा कर लो,
खेल नहीं ये, है जीवन ये,
अपनों के संग, खुश हो, जी लो तुम।।

देव

ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी

महफ़िल उसकी, मेहमान उसके,
वाह वाह करते, ये कद्रदान उसके।


माहौल उसका, मयखाने उसके,
होठों से छूते, वो जाम उसके।


जिसने भी कहीं, वो शायरी उसकी,
जो बज गई, वो मौशिकी उसकी।


मैं तो बस, चिराग से निकलती लौं हूं,
ये चिराग उसका, ये रोशनी उसकी।।

देव

चलो, जाने भी दो, बहुत हो गया

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
रूठों को मनाना,
झगड़ों को सुलझाना,
दूसरी के हिसाब से,
खुद का बदल जाना,
नहीं पसंद है, मगर
चाय से बिस्किट खाना,

चलो जाने भी दो,
बहुत हो गया,
जो जा रहे है, उनसे
रुकने की जिद करना,
ना चाहते हुए भी,
किसी की बातों पर हसना,
बहुत प्यार से, उनसे
खाने की मनवार करना।

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
जो नहीं चाहते, उनसे
चाहत की उम्मीद करना,
भुला कर हर किसी की,
शिद्दत से मोहब्बत करना,
ना जाने कितने सावन,
उसके इंतेज़ार में गुजरना।

चलो, जाने भी दो,
बहुत हो गया,
इंतेहा, इंतेज़ार, ऐतबार,
इकरार, इनकार, मनवार,
अब थोड़ा खुद के लिए,
जी लेते है, चलो,
खुद से थोड़ी,
मोहब्बत करते है।।

देव

शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें

निकला तो था, सफ़र में, मंजिल तलाशने,
तुमसे क्या मिला, तुम्हे मंजिल बना लिया।

और तुम, जरा जल्दी में थी, मगर ठहरी सी,
पास, मगर दूर बहुत, हाथ भर मगर दूरी बहुत।।

काफी वक़्त से खड़ा था, उस मोड़ पर,
जहां से गुजरने की, उम्मीद थी कभी तेरी।

अब चल पड़ा, रास्तों पर अपने, खुद की तलाश में,
शायद, कहीं खो गया था, जो मेरा था, तुझमें।

देव

लगती हो तुम, यही कहीं आसपास

तेरे जिस्म की, सोंधी खुशबू,
तेरी सांसों की, नमी का अहसास,
कुछ पल की ही, सही वो मुलाक़ात,
मेरी यादों में, तेरा रहना, चुपचाप,
अक्सर, दिल के दरवाजे को,
खटखटाते हुए, तेरा आवाज देना,
कहां हो दूर तुम मुझसे,
लगती हो तुम, यही कहीं आसपास।।

देव

Random Thoughts

[13/07, 12:42 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाब,
ख्वाब में ही सही,
तू है तो सही,
यहीं कही।।

देव
[13/07, 5:37 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे चेहरे पर जो हया दिखती है
हाल ए दिल तेरा बयां करती है
मिटा दे जो पेशानी पर है फिक्र की लकीरें
खुदा को इस साल तेरी ख्वाहिशें पूरी करनी है

देव
[14/07, 1:48 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उम्मीद ना करना, उनसे,
दिलों में झांकने की, पछताओगी,
उन्हें बे दिल शहर की,
चकाचौंध से, मोहब्बत है।।

देव
[14/07, 11:26 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी यादों का, मेरे जेहन में बसर है,
तू मेरी यार, तू मेरा हमसफ़र है।।

देव
[14/07, 11:39 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यादें ही सही तेरी, संग मेरे हर वक़्त है जो,
दूर तू सही, इस दिल को है, सोहबत तेरी,

तेरी पेशानी पर ना पड़े, लकीरें फिर कभी,
खुदा से हर नमाज में है, इल्तेजा मेरी।।

देव
[16/07, 12:11 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

धड़कता तो पहले भी था, ये दिल,
मगर तेरे वजूद का, असर कुछ,
यूं हुआ, लगा लय मिल गई,
धड़कन को भी, और सांसो को भी।

देव
[16/07, 12:14 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कभी गुजारता था वक़्त, तलाश में तेरी,
अब गुजारता है वक़्त, इंतेज़ार में तेरे।।

देव
[16/07, 12:54 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरा वजूद है, जो देता है राहत,
वरना वजूद मेरा, गुम सा गया था कहीं।
देव
[16/07, 12:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

विकल्प बनने से अच्छा है,
तन्हा गुजार दू, ये जिंदगी,
मोहब्बत करनी है, तो कर,
मैं बाज़ार का, गुलदस्ता नहीं।

देव
[16/07, 1:09 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

निगाहों से निगाहें भी मिला तो हम लेंगे,
तुम है बता दो जरा, गर इश्क़ हो गया,
तो क्या दिल।में बसा लोगे अपने।।
देव
[16/07, 1:13 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वो कागज़ की कश्ती, बना कर डुबाना,
उसी से तो सीखा, मर कर भी जीना।।

देव
[16/07, 1:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कौन कहता है, तू
मेरे दिल में बसी है,
हर सांस में मेरी, जो
तेरा नाम आता है,
जरा बता दो, वो क्या है?

देव
[16/07, 10:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

क्या करूंगा, जब वो मिलेगी, और आंखे खुश्क होंगी, इसलिए,
महफूज रखता हूं, आंसुओ को अपने।।
[17/07, 7:22 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

पता नहीं था इश्क का तोहफा यह मिलेगा
जो पहले बातें करने को तरसते थे उन्हीं से वक्त की गुजारिश होगी
[17/07, 9:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लोग यू ही उसके कुरूप कहते है,
रूप देखा है मैंने, बातों में उसकी।
देव
[17/07, 9:51 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी आंखो में, अक्स अपना देखा,
यूं ही नहीं, मोहब्बत करी तुझसे।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दिल को करार दिला दे,
वो अल्फ़ाज़ कोई सुना दे।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस नजरिए का फरक है,
किसी को हां में ना,
ना में हां भी सुनाई देता है,
जिन्हे तुम बर्बाद कहते हो,
उन्हें जीने मतलब, पाता होता है।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरे गरीबखाने में, कभी आना,
इश्क़ को सलाम कर जाना।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

भूल तो यही हो गई,
जिन्हे अपना समझा,
उन्हीं मतलबियों में,
वक़्त जाया किया।।

देव
[17/07, 10:19 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

इश्क़ एक बार हो, यकीनन,
फिर से होगा,
मोहब्बत से मन भर जाए तो,
इश्क़ कहां।।

देव
[18/07, 12:21 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ना ऐतबार कर,
यू ही तू मेरा,
मगर प्यार, करते है जब,
तो मशवरा नहीं करते।

देव
[18/07, 12:23 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

सबने अपने हिसाब से,
इश्क़ के मायने लिख डाले,
कुछ ने, क़यामत कहा,
कुछ के, खुदा की इनायत।।

देव
[19/07, 12:17 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लेकर आए है, कुछ तोहफे, आज शाम तेरे नाम करने,
खुदा के नाम पर, कुछ तो करदे, नाम तू मेरे।।

देव
[19/07, 12:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जश्न ए महफ़िल, फिर सजी,
फिर से, तराने छेड़ने है,
कभी मोहब्बत, कभी खुशियां,
कभी दिलो के अफसाने, छेड़ने है।।

देव
[19/07, 12:28 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तरान्नूम है छेड़ा, दोस्तो ने,
फिर से है महफ़िल सजी,
कुछ गायकी, कुछ राग है,
कुछ पंक्तियां, है यार की।

देव
[20/07, 8:15 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

पकड़ कर ले आयेंगे सपने,
जो देखे थे, कभी तुमने,
फिजा में ही है ये सारे रंग,
बरसेंगे, जहां रखोगी, तुम कदम।
देव
[20/07, 8:20 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तलाश ख्वाहिश की ना कर इतना,
तेरा पैमाना, अलग है सबसे,
ख्वाहिश बन जा, किसी का तू,
अक्सर वही अपने बन पातें है,
जो दिल हार जाते है।

देव
[20/07, 10:18 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस, वो मान ले,
ये दिल उन्होंने जीता है,
उस हार में, जीत से ज्यादा मजा है।।

देव
[21/07, 11:35 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे इश्क़ से, महकने जाए,
वो मोहब्बत भी तो चाहिए,
हर किसी में जज्बा ये कहां,
दिल मेरे जैसा भी चाहिए।।

देव
[21/07, 11:37 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बहुत हो गई, आशिक़ी,
अब मिजाज, बदलने है,
जिंदगी के अजीज पल,
यूं ही नहीं, गुजरने है।।

देव
[22/07, 10:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे आगोश का, कुछ हिस्सा ही मिल जाता,
उमर का बचा सफ़र, सुकून से गुजर जाता।।

देव
[22/07, 10:07 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब मैं भी, साथ नहीं होता मेरे,
तेरी यादों का सहारा होता है।।

देव
[22/07, 10:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बेतरतीब सी जिंदगी में,
बस यही तो सबसे अच्छा हुआ,
मेरा, तुझसे जो मिलना हुआ।।

देव
[22/07, 10:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

काश…… यहीं तो आकर, जिंदगी सिमट गई।
सच होना ख्वाबों का, बस,
कल्पना रह गई।।

देव
[22/07, 10:12 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तू मिली भी तो उस मोड़ पर,
कि फिर से, हां ना कह सकी।।

देव
[22/07, 10:14 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हां, इश्क़ जो किया, ख़तम होता कहां है,
दिल के किसी कोने में, रहता बसा है।

वक़्त, का किसको पता, क्या खेल खेले,
जो कल बिछड़े कभी, फिर से मिले।।

देव
[22/07, 10:47 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हम उनसे मोहब्बत करते रहे,
और वो शौक.

देव

वो इश्क मुकम्मल नहीं,

किसी ने समझाया,
वो इश्क मुकम्मल नहीं,
जिसमे मोहब्बत के बदले,
मोहब्बत नहीं।
मियां, उम्र गुज़र जाएगी,
मोहब्बत ना मिल पाएगी,
यूं ही अपनी जिद को,
मोहब्बत ना मानो,
जो इश्क़ के बदले में,
इश्क़ दे,हाथ उसका थामो।।

देव

22 July 2020

वो फिर से मिली,

वो फिर से मिली, उसी मोड़ पर,
जहां, अलविदा कहा था कभी,
पीछे मुड़कर, तब भी देखा था,
मगर, कुछ ना कहा था कभी,
अब, जैसे इंतेज़ार में हो,
बहुत कुछ कहने को,
क्यूं नहीं रुका मैं, नहीं थी समझ,
जब उसको, क्यूं नहीं था मैं,
जो अब बन गया हूं,
क्यूं नहीं, थाम हाथ, ले चला,
साथ अपने, सफ़र पर उसको,
अब, काफी दूर निकल आए है,
मगर, दिल कुछ और करीब,
मगर, आज भी, वो दूर उतनी ही है,
जितनी, तब थी, दिल के करीब।।

देव

22 July 2020

सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना

तेरी जुल्फों के साएं पे, कुछ पल का सुस्ताना,
सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना।

तेरी सांसों की गर्मी का, मेरी सांसों से टकराना,
सिमट कर पल में तेरा, मेरी बाहों में सामना।

अक्स अपना देखना, तेरा यूं पुतलियों में मेरी,
पलक को बंद कर मुझको, नजरो में बसा जाना।

हवा का तुझको छूकर, यूं महक जाना,
चुरा खुशबू, तेरी पल में, मुझ तक खीच कर लाना।

तेरी जुल्फों के साएं पे, कुछ पल का सुस्ताना,
सजा से रखा है मैने, अपना वो फसाना।

देव

20 july 2020

मेरी सारी खवाविश, को पूरा, कर दिया तुमने

अपने रंग में, मुझको, रंग दिया तुमने,
मेरी सारी खवाविश, को पूरा, कर दिया तुमने।

बेनाम सी, जिंदगी, जी रहा था मै
नाम हुआ जब, नाम अपना, जोड़ दिया तुमने।
मेरी सारी…

सपने मेरे, कुछ खास ना थे, सिवा तेरी मोहब्बत,
अपने दिल पर, नाम तेरा, लिख दिया मैंने।
मेरी सारी…

हर शाम, गुजरती ही, दिला याद तेरी,
तसल्ली है कि , तस्वीर अपनी, लगा रखी है तुमने।।

मेरी सारी…

देव

19 july 2020

हे मां, सरस्वती, तेरा करे हम वंदन

है मां, तू है ज्ञान की ज्योति, तेरी पूजा करे हम,
तूने दी हमको है शक्ति, तेरी वंदना करे हम।

हे मां, तेरा आशीष लिए, चल पड़े है डगर पर,
अब नहीं है डर, बिंदास चले तेरे पथ पर।

हे मां, तू है लक्ष्मी रूपम, तू ही दुर्गा, तू काली,
तेरे चरणों में न्योछावर, हमारी हर कलाकारी।

हे मां, सरस्वती, तेरा करे हम वंदन,
तेरा अभिनन्दन, तेरा अभिनन्दन।।

देव

18 july 2020

जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो

कुछ कदम साथ चले, कुछ कदम और चलो,
जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो।।

ये पल, जो दर्द का है, गुजर जाएगा कुछ पल में,
ले हंसी, लबो पर, खुशमिजाज तुम रहो,
जिंदगी के सफ़र में……

मैं हूं वही खड़ा, जहां तुम छोड़ कर गई,
जरा रुख इधर का करो, हाथ थाम कर चलो,
जिंदगी के सफ़र में….

कुछ कदम साथ चले, कुछ कदम और चलो,
जिंदगी के सफ़र में, हमसफ़र बन चलो।।

देव

18 july 2020

फिक्र तो उसे भी रहती होगी

फिक्र तो उसे भी रहती होगी,
बस वो बयां नहीं करती,
बचा कर रखा है इश्क़ अपना,
यूं ही वो जाया नहीं करती।

कौन अपना है, कौन पराया,
कुछ समझ नहीं आता,
वक़्त कितना ही, लगा दो,
अक्सर, चला जाता है जाया।

हदें पार करने का, मौका,
ना दिया मैंने कभी,
हदें पार कर, इश्क़ करे कोई,
तो ना कहा नहीं जाता।।

देव

17 july 2020

मुद्दा तो यही है

मुद्दा तो यही है,
मैं उसे चाहता हूं, और,
वो कुछ और चाहती है,

कहते है, शिद्दत से किसी को चाहो,
तो पूरी कायनात, तुम्हे उससे,
मिलने में जुट जाती है,

मसला भी यही है, कि कायनात,
खुद है परेशान,
के शिद्दत का तराजू,
नहीं पता, है कहा।

मगर, प्यार भी तो यही सिखाता है,
पाने से ज्यादा, प्यार की खुशी चाहो,

बस, इसीलिए सारे मसले, सुलझा दिए,
उसकी खुशी में, अपने सपने लुटा दिए।।

देव

16 July 2020

इश्क़ खुद से बेशुमार है।।

चौखट से निकाल कदम,
उसने आज बड़ा ही दिया,
हदों का अपनी, दायरा,
पल में आज समाप्त किया।

कहने को तो खुश है,
खुशियों का अंबार है,
मगर, भरे घर में भी तन्हा,
नदारद, उसका वाला प्यार है।

चल पड़ी, बाद पड़ी,
वो निडर, अकेली सी,
ना कोई साथ, चाहिए,
ना चाहिए मोहलत कोई,

वक़्त जो भी है बचा,
उसका है, बस उसका है,
जिंदगी का हर लम्हा,
उसका है, बाद उसका है।

इश्क़ खुद से, करती है,
खुद ही से, शिकवा करती है,
खुद की महफ़िल में वो,
खुद ही शिरकत करती है।

अब नहीं, डर बचा,
अब बस यकीं है,
खुदा से दोस्ती है उसकी,
इश्क़ खुद से बेशुमार है।।

देव

16 July 2020

मोहब्बत में कैसे, रूठेंगी मुझसे

मोहब्बत में यूं ही नहीं बह गया मैं,
उसके ख्वाबों में था खो गया मैं,
तन्हा कहा था, अब रह गया मैं,
दूरियों में भी, करीब उसके था मैं।।
अब बस, उसकी यादें, उससे है ज्यादा,
रहती है साथ, छोड़ सारी मर्यादा,
ना खोने का डर, ना छूटेंगी मुझसे,
मोहब्बत में कैसे, रूठेंगी मुझसे।।
देव

16 July 2020

किसी से दो बातें कर लो

कुछ मुरझाते से चेहरों को,
हंसाने का, इंतजाम कर लो,
जब भी वक़्त मिल जाए,
किसी से दो बातें कर लो,

कहा फिक्र रहती है, कौन
पूछता है हाल ए दिल यहां,
कुछ यार, गर मिले भी है,
उन्हें, चंद किस्से कह दो,

बरसात का मौसम है, और
तन्हा दिल है काफी यहां,
वो खुशियों की, छतरी है गर,
यारो के भी, हिस्से कर दो।।

देव

16 july 2020

कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

बिखरे पड़े किस्सों को, समेटा जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।

उसी शहर की तंग गलियों में,
जहां कभी खेले थे कंचे,
लगाई थी दौड़ साइकिल्स की,
कभी गिरते, कभी पड़ते
घावों पर मिट्टी मलते,
चल एक राउंड और हो जाए,
हवा से फिर सरपट बाते करते,
कुछ वक़्त फिर गुजारा जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।

कुछ अब भी यही है,
कुछ बसे है कहीं बाहर,
मगर अब भी नहीं लगता,
कभी अनजान ये शहर,
एक घर हो तो कहूं,
हर घर में, एक परिवार बना था,
यार से ज्यादा, मुझे प्यार मिला था,
अब दोस्त बाहर है, तो क्या,
अंकल आंटी, दादा दादी से मिला जाए
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

ना जाने, कैसे ये हो जाता था,
जहां बनता था कुछ खास,
मैं वहां पहुंच जाता था,
हलवा, खीर, पराठों का,
लुत्फ लिया जाता था,
दाल चावल पटाटा और पापड़ में,
मस्त स्वाद आता था,
चलो, आज फिर, वहीं स्नेह से भरा,
खाना खाया जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

कभी कॉलेज, कभी ऑफिस,
के गलियारों में, उमड़ते जज्बात, कागज़ के फर्रो में, जाहिर करते दिल की बात,
उसी गली के चक्कर काटना, दिन में चार,
जब भी दिख जाती थी वो,
मुस्कुरा कर पूछना, कैसी है यार,
चलो, आज फिर से, वही दौर दोहराया जाए,
कुछ पुराने यारो से, मिला जाए।।

देव

15 july 2020

क्या, तू यू ही डर जाएगी

थपेड़े खा कर, तूफानों के,
पहुंची है तू , यहां तक,
कहां आंधियां, तुझे,
जरा हिला पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी।

अंधेरों में रही, मुश्किलें
कितनी सही, स्याह रातों में,
पलकें खुली रही, ये शाम
कहां तुझे भयभीत कर पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी,

कुछ बचा ना सुनने को,
सुना है तूने, जाने कितना,
अब इन लोगो की, बेतुकी बातें,
कहा कुछ बिगड़ पाएंगी,
क्या, तू यू ही डर जाएगी।

नहीं, तू नहीं, डर यूं सकती है,
तू ही शिव, तू ही शक्ति है,
तू प्रचंड है,तू अग्नि है,
तू ही दुर्गा, तू ही लक्ष्मी है,
काल तेरा भाग है,
तीनो लोको से अभाज्य है,
अखंड है, तू छंद है,
देव सारे, तेरे अंग है,

देव

15 जुलाई 2020

यादें ही सही

यादें ही सही तेरी, संग मेरे हर वक़्त है जो,
दूर तू सही, इस दिल को है, सोहबत तेरी,

तेरी पेशानी पर ना पड़े, लकीरें फिर कभी,
खुदा से हर नमाज में है, इल्तेजा मेरी।।

देव

14 जुलाई 2020

सात फेरों की पाबंद नहीं, मोहब्बत मेरी

लोगो की तो आदत है, कुछ भी बोलते है,
बेखौफ, जीने की आदत, है तुझे, मुझे भी।


फिक्र ना कर, रस्म ओ रिवाज की तू जरा,
सात फेरों की पाबंद नहीं, मोहब्बत मेरी।।

देव

ये इश्क़ है, या दीवानगी

ये इश्क़ है, या दीवानगी,
पूछा खुद से, एक बारगी,

उसका होना है मुझको, या
जिद है क्या उसे पाने की,

मोहब्बत भी है, यारी भी,
कभी लगती बेगानी सी,

कभी मुंह मोड़ लेता हूं,
कभी फिर बोल देता हूं,

कभी चुप सी वो रहती है,
कभी बहुत कुछ वो कहती है,

बिछड़ कर यार, मिलते है,
दिल का हाल, भी कहते है,

मगर, वक़्त वही, रुका सा है,
ये किस्सा अब तक, अधूरा है।।

देव

14 जुलाई 2020

छलकती मय के मयखाने

छलकती मय के मयखाने,
तेरी नजरो ने बना डालें,
जुल्फे जो चेहरे पर गिरती से,
पर्दे यूं, हुस्न पर कर डाले,
ग़ज़लें बारिश सी बरसेंगी,
लबों से हटते ही ताले,
कहीं बिजली गिरी होगी,
निगाहों ने क्तल कर डाले।।

देव

13 जुलाई 2020

चेहरे

चेहरे, कितने ही बना रखे है,
हर चेहरे के लिए,
अलग चेहरे लगा रखे है,
किस चेहरे पर करूं यकीं,
हर चेहरे के पीछे,
कुछ राज छिपा रखे हैं।।

देव

13 जुलाई 2020

क्षण भंगुर सा जीवन

क्षण भंगुर से जीवन को, जीना हर क्षण है,
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

खौफ जदा बैठा है इंसा, डर का ये पल है,
पल पल मारने से अच्छा, जीना दो पल है,
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

जिनको प्यार किया हर पल, क्यूं है उनसे दूरी,
पास अगर है प्यार हमारा , दो पल में जीवन है।
पल पल बीते जाए तो क्या, जीना हर पल है।

देव

13 जुलाई 2020

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी,
कुछ जतन यूं, तुमने किया ,

बेसबब सा दिन मेरा,
बेसबर सी रात थी,
तेरी करीबी कुछ पल सही,
दे गई मुझे कहकशा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।

मैं भटकता सा रहा,
अनजान राहें, बेमंजिल यहां,
साथ तेरा, कुछ पल मिला,
मिल गई मुझको दिशा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।।

बे खुदा, था मैं बन गया,
खुद से भरोसा, उठ गया,
तेरी सोहबत क्या करी,
खुद में है पाया, मैंने खुदा,
कुछ जतन यूं, तुमने किया।।

कुछ रूहानी सी, हो गई जिंदगी,
कुछ जतन यूं, तुमने किया ।।

देव

13 july 2020

मासूम

मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,
काश! इन चांद सितारों की से आगे,
कुछ होता, प्यारा सा जहां,
ना पदाई होती, ना होमवर्क,
बस, होता barbie का घर,
मैं और बस मेरे सपने,
मेरे दोस्त, सब अपने,
आप भी होते, मगर बस आप,
ना होती स्कूल, ना होता काम,
मासूम सी, वो आकर, मुझे यूं बोली,
काश! इन चांद सितारों की से आगे,
कुछ होता, प्यारा सा जहां।।

देव

12 july 2020

Random thoughts

[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अक्स पाकर तेरा, आइना भी गुज़र गया,
ना गुरूर रहा उसमे, चकनाचूर हो गया।।

देव
[06/07, 7:57 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कर्ज कुछ मुस्कुराहट का ऐसा चढ़ा,
हाल ए दिल भी बयां, हंस कर किया।।

देव
[06/07, 8:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम महफ़िल में अकेला, ढूंढ़ती रह गई,
मैं तन्हा दिल गिनते गिनते थक गया।।

देव
[06/07, 8:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जख्म का इल्म, कैसे हो उनका,
मुस्कुराने का हुनर, कोई उनसे सीखे।

देव
[07/07, 8:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जरूरी नहीं, इश्क़ है बोलो तुम मुझे,
नजर भर देखलो बस, समझ मैं जाऊंगा।

देव
[08/07, 8:39 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब वो थे, तो फुर्सत ढूंढ़ते थे,
अब फुर्सत है, और वो नदारद।।

देव
[09/07, 1:44 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वो चंद लम्हात, जो गुजारे थे कभी साथ तेरे,
बसते है वही, याद बनकर, जेहन में मेरे।

मुस्कुरा देता हूं, अक्सर तुझे याद करके,
निकल जाता है नाम तेरा, अक्सर कुछ कहते कहते।

देव
[09/07, 1:48 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ बेहया सी, हो गई है, यादें तेरी,
ना वक़्त देखती है, ना जगहा।।

देव
[09/07, 1:16 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यही तो बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है,
पास नहीं तो क्या,
मुस्कान तो लाए है
[09/07, 11:29 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम इश्क़ भी हो, इबादत भी,
तुम हो गई, मेरी आदत सी,
बसी हो तुम ही खयालों में,
तेरा नाम है, मेरे हर अफसाने में।।

देव
[10/07, 11:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उसके हुस्न में ही, वो बात थी,
किताब लिख डाली, एक तस्वीर पर उसकी।।

देव
[10/07, 11:50 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ये अपनों कि ही महफ़िल लगती है जनाब,
जो मेरी नज़्म में, तालियां गायब है।।

देव
[11/07, 12:59 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

इतना भी काफी है, जीने के लिए,
कह सकूं अक्सर, मोहब्बत है तुझसे।।

देव
[11/07, 1:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तख्त ओ ताज की ख्वाहिश क्या करूं,
गर, किस्मत में मोहब्बत है मिली तेरी।।

देव
[11/07, 1:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त भी पल में, गुज़र जाता है,
सामने होती है, जब तस्वीर तेरी।

देव
[11/07, 1:13 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अक्स मेरा, कब हो गया तेरा,
आइना कुछ पल, ना ये छुपा पाया।
[11/07, 1:16 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तू कितनी गहरी, समाई है मुझमें,
अक्सर, दिखती हो, अक्स में मेरे।।

देव
[12/07, 11:12 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाब, ख्वाब में ही सही,
तू करीब तो है।।

देव
[12/07, 11:17 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मोहब्बत है, तभी तो इंतेज़ार है,
वरना, वक़्त से धीरे, मै भी नहीं था।।

देव
[12/07, 11:18 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर नज़्म लिख कर, फिर सोचता हूं,
अभी बहुत है लिखने को बाकी।।

देव
[12/07, 12:32 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

नहीं मै तुझको भूल पाऊंगा,
खुद को भी, गर मैं भुला कभी।।

देव
[12/07, 12:36 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त कहा है, मोहब्बत को उन्हें,
जो नफरतों से मुखातिब, जहां में रहते है।।

देव
[12/07, 12:44 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर कदम, कामयाबी चूमे तेरा,
हर ख्वाब, तमन्ना हो पूरी तेरी,
फिक्र ना पल भर, तुझे तरसाए,
खुशनुमा ही तेरा, हर सफर।।

देव
[12/07, 1:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी चुप्पी, और हिचकियां मेरी जताती है,
कुछ तो कहा तूने, ख्यालों में मुझे।।

देव
[12/07, 2:59 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ तड़प में मिठास होती है,
यार, प्यार की प्यास होती है,
क्यूं, रखूं रिश्ता, दूर का उससे,
गर उसकी हसीं याद, पास होती है।।

देव

तुम हो तो है, जिंदगी

कभी बेपरवाह सी थी,
मगर बेकार सी थी,
शामों में महफ़िल थी,
रूह तन्हा थी,
रात गुलज़ार थी,
ख्वाब नदारद से थे,
लबों पर हंसी थी,
दिल में खुशी ना थी,
रास्ते खुशगुवानर थे,
मंजिल का पता ना था,

अब बस तुम हो,

तुम हो तो है, जिंदगी।।

देव

ना छोड़ यू ही दामन उनका

कुछ तो सपने, तेरे भी है,
ना छोड़ यू ही दामन उनका,
मिल जाएंगे, काफी,
इश्क़ करने वाले,
मगर, ना करना, समझौता,
खुशी से अपनी।

दौड़ लगी है, हर तरफ,
बनाने को तुझे अपना,
कुछ बस यू ही चाहते है,
कुछ का है सपना।

तेरे सपने को जो, समझे अपना,
तू थामना दामन उसका,
जिसे माने तू अपना।

देव

इश्तहार बना डाला।

जरा अलग क्या, बना दिया खुदा ने,
इंसा ने मुझे, इश्तहार बना डाला।
मेरे यौवन में, अपनी ख्वाहिशों का,
बाज़ार लगा डाला, यू तो, बैठाया है,
मुझे मंदिर के मंडप में, और कोठों में,
दीवानगी का, दरबार लगा डाला।

देव

तू मेरी हमसफ़र

सुबह तुझसे शुरू, ख्वाब में तेरा बसर,
सोचता कुछ भी हूं, आती है तू नजर,
कुछ पल जो किया, तुझ संग वो सफ़र,
बन गई ना जाने कब, तू मेरी हमसफ़र।।

देव

इंतेज़ार है कबसे

कब तलक, यूं ही, बैठी रहेगी चुप सी,
कब तलक, ख्यालों में, रहेगी गुम सी,
कब तलक, दिल को, थामे रहेगी,
कब तलक, मोहब्बत से, रखेगी दूरी।

कोई तो है, जो तकता है तुझे,
हद से ज्यादा, वो चाहता है तुझे,
इश्क़ में तेरे, जो खोया है कबसे,
इक नज़र देख ले, इंतेज़ार है कबसे।।

देव

हां, उसे प्यार था

सुरूर ए इश्क़, उसको था जब चढ़ा,
महफ़िल में भी लगती थी, वो तन्हा,

तन्हाइयों में, मुस्कुराती रहती थी,
अक्सर, खुद से ही बातें, करती थी,

थोड़ी बेसब्री, थोड़ा सुकून भी था,
इश्क़ का थोड़ा, उसे जुनून भी था,

ना थी नफ़रत, ना जलन ही थी,
बस मोहब्बत, जेहन में फैली थी,

नज़रों में उसके, प्यार का खुमार था,
चेहरे से दिखता था, हां, उसे प्यार था।।

देव

सावन

वो वक़्त कुछ और था,
हर किसी पर एक सुरूर था,
ना जाने, कहा सब खो गया,
सावन, कब जेठ हो गया।

कहा झूले है पेड़ों पर,
कहा घुंघरुओं की आवाजे,
कहा गोरियो का ठहठहाना,
कहां छोरो को, छेड़जाना।

कहां गुम है, मेंहदी के हाथ,
वक़्त कहा है, थामे जो हाथ,
कहां गई, वो चांदनी रात,
बैठे थे हम, झुलो में साथ।

कहां है वो, मेलो की रंगत,
कहां है वो, संखियो की पंगत,
कहा है वो, यारो की टोली,
कहां है राधा कृष्ण की ठिठोली।

चलो, फिर से वो, झूले लगाए,
बारिश की रिमझिम, में नाचें गाए,
प्यार को अपने, प्यार जताएं,
हर्शो उल्लास से, सावन मनाएं।।

देव

कान्हा

गगरी भर यमुना से,
जब मैं चलूं,
तेरी मुरलिया की,
धुन से मिलूं।

मैं बावरी हो, पनघट,
पर नृत्य करू,
कान्हा, मैं तेरी,
बावरी हूं।

बातें करे जग सारा,
हुआ क्या तुझे राधा,
क्यूं खोई खोई सी, लागे तू,
मन में क्या है, बोल जरा।

मन कहां अब मेरा है,
कान्हा का ही, बसेरा है,
श्याम की दीवानी हूं,
बांसुरी धुन पर, नाचूं हूं।

सांवरा सलोना सा,
रूप उसने पाया है,
हर गोपी को, सांवरे ने
राधा बनाया है।।

देव

मैं कितना बदल गया

मैं कितना बदल गया,
मैं फिर से मैं बन गया,

कभी किस्से अभी अफसानों, में बसर था,
हर सफर में नया हमसफ़र था,
हर तारीख, नई क़लम से, लिखी जाती थी,
हर मास, तारीख नई आती थी,
अब सब रुक सा गया,
मैं कितना बदल गया।।

ख्वाबों की लंबी, फेरहिस्त थी कभी,
मंजिलों की लंबी कतारें थी कभी,
सोचों का दरिया, बहा करता था,
हर मौसम का, अलग मजा था,
अब सब थम सा गया,
मैं कितना बदल गया।
मैं फिर से मैं, बन गया।।

देव

यार

कुछ पल जिंदगी के,
इनके संग बिताए है,
यही कमाए, यही बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है।।

कभी रूठो को मनाना,
कभी रूठ कर, मन जाना,
हसने भी यही आए है,
जब टेसुएं बहाए है।

कभी दूर जाना,
कभी लौट कर फिर आना,
पास नहीं तो क्या,
दिल में तो बसाए है।

कुछ पल जिंदगी के,
इनके संग बिताए है,
यही कमाए, यही बचाए है,
कुछ दोस्त बनाए है।।

देव

ख्यालात

बेतरतीब से बालो को बनाती वो जा रही थी,
जो सुलझे थे, उन्हें भी फिर उलझा रही थी।

जाने किन खयालातों में, खुद से बतिया रही थी,
जो गुज़र सा गया था, उसी की याद आ रही थी।

सोचा, भाग कर रोक लू उसे, कह दे हाल ए दिल,
अपने ही चक्रव्यूह में, फसें वो जा रही थी।

देव

तोहफा इश्क़ का दिया

देख कर, तस्वीर उसकी, फिर वो पल, याद आए,
केशुओं के, बौछारों में, आज फिर से, हम नहाए।

अक्स उनका, है समाया, नजरो में, जेहन में मेरे,
मुस्कुराती, वो मिली फिर, राहें मोहब्बत, के दरमियान।

उल्फत हुई, फिर से हमे, शुक्रिया हो शुक्रिया,
दी है हमे, ये जिंदगी, तोहफा इश्क़ का दिया।

देव

Random thoughts

[18/06, 10:38 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरी नज़्में पढ़े, गर कोई,
अक्स तेरा दिखेगा,
तुझसे जुदा हुआ तो,
ना लब्ज़ एक बचेगा।।

देव
[19/06, 3:14 am] Lavya Airtel New:

जो चल रहे है,
मेरे जनाजे में आगे आगे,
जरा गौर से देख लो,
मेरा कत्ल करने वाले भी,
शायद यही है।।

देव
[19/06, 4:58 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

वक़्त होकर भी, कितना कम हो गया है,
लब्ज़ भी गिन कर, पढ़े जाते है।
देव
[20/06, 2:45 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जब भी मुझ पर, है कुछ लिखा जाएगा,
जिक्र तेरा, पहले पन्ने पर आयेगा।।

देव
[20/06, 2:46 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी गुस्ताखियां ही तो, तेरी अदा है,
यूं ही नहीं यार, तू सबसे जुदा है।
Dev
[20/06, 2:47 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरे लब्जो को, तेरी तलाश है कबसे,
तू बड़ तो सही, हम साथ है कबसे।

Dev
[20/06, 2:49 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दम है तुझमें, सबसे जरा कम नहीं,
बेखौफ जीना तेरा, ये अदा भी कुछ कम नहीं।।
Dev
[20/06, 2:50 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

थम तो सही, ज़रा सांस तो लेने दे,
यार साथ है तेरे, नाम तो लेने दे।।
For Neeti
Dev
[20/06, 2:51 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आवाज की मिठास, और खास अंदाज,
उस पर ये मिजाज, वाह जनाब।।
Dev
[20/06, 2:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

गाने के बोल, कुछ गुनगुना दो,
कुछ किस्से यारी के भी, अब बना लो।।

Dev
[20/06, 2:57 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

महफ़िल कहा महफ़िल, तेरे बिना,
शराब भी बेनशा है, गर तू नहीं।।

Dev
[20/06, 2:58 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

थिरकती सी आहटों से, पहचान लिया,
यार, तू है यही कही, ये जान लिया।।

Dev
[20/06, 3:00 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ किस्से बिखेर कर, समेटता हूं,
तेरी हंसी के, पल जमा करता हूं।।

Dev
[20/06, 3:01 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कुछ तो समेटा सा, लगता है तू,
तेरी बातों में, कुछ बात तो है।।

Dev
[20/06, 3:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

समेटे जज्बातों का पहाड़, पर चलती है बिंदास,
यूं ही नहीं तू है, तुझमें है कुछ खास।।

Dev
[20/06, 3:05 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

ख्वाहिशें हजार है, मगर कुछ खास नहीं,
दोस्त तू नहीं, तो मुझमें कोई बात नहीं।।
देव
[20/06, 3:06 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यार तू साथ है, तो घबराना कैसा,
तू जो नहीं, तो अफसाना कैसा।।
Dev
[20/06, 3:07 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरी शर्माहट पर, कर दे फिदा ये जहां,
जरा गौर से देख, तेरे लिए भी होगा, कोई यहां।।
Dev
[20/06, 6:49 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

फांसले दरमियान, अब रहे ना कहीं,
तुम मिलोगे मुझे, फिर कभी ना कभी
[23/06, 12:19 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

दूर होकर तुझसे, क्यूं तन्हा होता हू,
ये इश्क़ है, या यूं ही, दिल्लगी तुम करते हो
[24/06, 1:45 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मेरी खुशमिजाजी पर, यूं ही कसीदे कसते है,
ना जाने, हंसना मुश्किल क्यूं लोगो को लगता है।।

देव
[24/06, 1:47 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हमे तो तन्हाई, नागवार लगती है,
यूं ही लोग, तन्हाई से मोहब्बत करते है
[24/06, 2:02 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

एक शाम ही काफी है, जीने के लिए,
कभी, गुजारो जिंदगी, कुछ पलो के लिए।।

देव
[24/06, 2:13 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

अंगुलियों से बालो को मेरे, सहलाते हुए,
कह दिया उसने, मोहब्बत है, इतराते हुए।

लबों से गुनगुनाती रही, वो नज़्में,
मैं तकता रहा उसे, फिर जाते हुए।
[24/06, 6:03 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

रंग ए इश्क़ है मेरा,
यू ही नहीं उतरेगा।।।

देव
[24/06, 6:04 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जबान नहीं, ये नजर है जनाब,
कभी झूठ नहीं बोलती।।

देव
[24/06, 11:07 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुम बस मुस्कुराते रहो, हर क्षण,
फिक्र तो, मगशूल है मेरे संग।

देव
[24/06, 11:20 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आइना को भी खुद पर, गुरूर होगा,
तेरे हुस्न, जब सामने, संवरता होगा।।

देव
[25/06, 1:32 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उन आंसुओ पर तो यकीं कर,
जो यार के दीदार की खुशी में,
कब से, थमे बैठे है।

देव
[25/06, 2:46 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तवस्सुर उसका, हो जाए, कुछ पल की सही,
हर नमाज में, दुआ उसकी करता हूं।।

देव
[25/06, 9:08 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

बस अल्फ़ाज़ ही तो थे, और
कोई बन गया, कोई गया बिगड़।।

देव
[27/06, 2:27 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तेरा नज़रे उठा कर,
झुकाना हुआ,
तेरे इश्क़ में दीवाना,
जमाना हुआ।।

देव
[27/06, 2:30 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

शराब भी कितनी, पी कर देखी मैंने,
तब भी, उतनी ही, मोहब्बत करता हूं।
देव
[27/06, 2:34 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

लोग यू ही नहीं, बेदर्द कहते मुझे,
जिस्म है यहां, दिल दे दिया है तुझे।।

देव
[27/06, 9:11 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

हर रोज, उससे इश्क़, फिर से शुरू करता हूं,
उसके आने का इंतजार करता हूं।।
[27/06, 9:13 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उनकी चाहत का आलम ये है, कि,
हर सुबह, फिर से इश्क़ शुरू करते है।।

देव
[27/06, 9:14 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

उनकी चाहत का आलम ये है,
हर सुबह, इश्क़ शुरू करते है,
हर रात, इंतेज़ार में जगते है।।

देव
[28/06, 12:06 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जिंदगी यू ही गुजरती रही,
वो अपने में मगशूल रही,
और हम उनमें।।

देव
[28/06, 12:08 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

करीब तो सब थे,
बस, वो ही ना थे,
जिनके हम थे।।

देव
[28/06, 12:10 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

आज तो हद ही होगी,
जाने कब रास्ता गुज़र गया,
सब हमसे गुफ्तगू करते रहे,
और हम उनमे खोए रहे।।

देव
[30/06, 12:14 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

जिंदगी बिंदास सी, जीती है तू,
गानों में तेरे, बसती है रूह,
जीना किसे कहते है, जाना है तुझसे,
हरदम यू ही, बस हंसती रहे तू।

देव
[01/07, 12:09 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

टूटे हुए दिल को, सीने की कवायद कर रहे है,
कुछ लोग मुझसे, झूठी मोहब्बत कर रहे है।

देव
[02/07, 1:36 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

कर फरियाद तू फिर से,
खुदा फिर से सुनेगा,
जब कोई ना होगा साथ,
तेरे साथ रब होगा।।

देव
[02/07, 1:38 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

भीड़ से दूर हट के सुन जरा
खामोशियां भी बोलती है।।

देव
[02/07, 1:39 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मंजिल को ढूंढ़ते ढूंढ़ते,
रास्तों में ना भटक जाना,
सफ़र में जिंदगी के,
जिंदगी ना तू भूल जाना।।

देव
[02/07, 1:42 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

मायूस ना हो जरा,
उससे यू बिछड़ कर,
वक़्त नहीं वो, जो
बस गुज़र जाए।।

देव
[04/07, 2:10 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

यकीं कर खुद पर, खुदा पर,
गर ख्वाबों को हकीकत बनाना है।।

देव
[04/07, 2:55 am] Dev… Devkedilkibaat.Com:

तुझमें क्या खोया… मैं भी,
मेरा….. ना रहा।

देव
[06/07, 5:06 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

रंग मेरा उस पर चढ रहा है,
लगता है, उन्हें भी प्यार हो रहा है।।

देव
[06/07, 5:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com:

सुलझती जिंदगी को, फिर से उलझा रहा हूं,
इक बार फिर से, इश्क़ में डूबे जा रहा हूं।।

देव