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थके, हारे, बेचारे
पड़े पस्त है सारे
उठ जाओ,
रात हो गई
तुम्हे रंज नहीं आना
रातों में यू सोना
तुम सहर हो
रातों के हमसफ़र हो
उठ जाओ
कब तक रहोगे पड़े
यू ही, बिस्तरों पे उल्टे
तन्हा, तुम्हे नहीं रहना
तुम अडिग हो
अचल हो
तुम रात के हमसफ़र हो
देव
