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कब तक, नज़रे फिरा के जाती रहोगी..

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पस्त चेहरे, कुछ कह रहे है
दास्तां बीती रात की
कल कुछ आंखे नम तो हुई होंगे
कुछ चेहरे उदास रहे होंगे

बता दे, में हूं तेरा, हमसफ़र
ना फर मुझसे यू नजर
तेरी रातों की कहानी जानना चाहता हूं
मैं, तुझे पहचानना चाहता हूं

दर्द दिल के दिल में कब तक रखोगी
क्यूं, यू अकेली कब तक रहोगी
हम खड़े है राहों में तेरे
कब तक, नज़रे फिरा के जाती रहोगी

देव

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