Site icon DevKeDilSe

आज फिर उसने पलट कर देखा

Advertisements

आज फिर उसने पलट कर देखा
मेरे जज़्बात को उलट कर देखा
नज़रों में ही हाले दिल बयां कर गई
मंजिल कुछ कदम और करीब आ गई

कोशिशों को मेरे एक मुकाम मिला
बेकार दिल को मेरे एक काम मिला
नींद कब की रुसवा बैठी थी मुझसे
सपने सजने का, कारोबार मिला

देव

Exit mobile version