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Random thoughts jan

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खुदा तुझको माना, तभी तो फैसले कर लिए,
और, इश्क़ था तुझसे तभी तो,
तेरी बेरुखी पर, सिर झुका कर चल दिए।।
देव

बेखुदा पर, खुदाई का, ऐतबार था हमने किया,
हम उन पर मरते रहे, वो दिल तोड़ कर चल दिए।।

देव

कभी वक़्त था, वो सावन मानते थे, और यहां बरिशें होती थी,
मौसम ही तो है, वक़्त के साथ, ये भी बदल गया।।
देव

अब ना वो रहे, ना उनकी यादों से वाकिफ हूं,
जब घर नया है तो क्यूं, सामान पुराना हो।।

देव

खुश होने के लिए, किसी का इंतजार क्यूं,
मेरे यार की काफी है, हंसाने के लिए,
देते है मोहब्बत इतनी, हद है,
शुक्रगुजार हूं, हर पल को, खुशनुमा बनाने के लिए,

देव

यूं तो कहलाते है हम तन्हा,
कभी होते भी है, कुछ पल, हर दिन,
बड़े कमीनें है ये दोस्त,
समझ जाते है हाल ए दिल मेरा
आ जाते है, पल में, चाय के बहाने

देव

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