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मोहब्बत में यूं ही नहीं बह गया मैं,
उसके ख्वाबों में था खो गया मैं,
तन्हा कहा था, अब रह गया मैं,
दूरियों में भी, करीब उसके था मैं।।
अब बस, उसकी यादें, उससे है ज्यादा,
रहती है साथ, छोड़ सारी मर्यादा,
ना खोने का डर, ना छूटेंगी मुझसे,
मोहब्बत में कैसे, रूठेंगी मुझसे।।
देव
16 July 2020
