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तेरे हुस्न का आलम, फिजाओं पर दिखता है,
कहा हवाओं में वरना, सुरूर होता है,
तेरे केषुओ की खुशबू से, गुलाब गुल होता है,
तेरे कहकहों की बारिश से, फूलों से चमन खिलता है।
तू है, तभी तो हम है, हम है वही, जहां तुम हो,
तेरा दीदार कर, दिलो को सुकून मिलता है।।
देव
04 August 2020
