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सांसे उखड़ने लगी जब,
रुका था तू तब भी नहीं,
बहुत देर अब भी कहां है हुई,
उठ, चल, चला चल,
राह बाकी, है अभी,
गिरकर फिर उठना,
उठकर फिर गिरना,
हिम्मत यूं पल में,
नहीं हारना, बाते यही,
जान लो पल में तुम,।
मेरे आंसुओ को,
न पौछो गर,
20/08/2020, 2:36 pm
