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तुम्हारा अक्स !

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तुम्हारा अक्स भी, तुम्हे देख कर, शर्माता होगा,
कहाँ वो, तुम्हे खूबसूरती, तुम्हारी दिखता होगा।
जब गुजरती हो तुम, अक्सर रात में,
चांद भी, शरमा कर, छुप जाता होगा।
देव
21/01/2021, 4:52 am

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