Site icon DevKeDilSe

इजहारे इश्क़ से डरते है

Advertisements

झुकी पलकों से
ताकती नज़रे
कुछ देखती कुछ सुनाती
चेहरे को छुपाती स्याह लटे
रोक लेती है रास्ता

जब भी देखता हूं
इक नज़र उसे
धड़कने दिल की
बड जाती है
हाथो में कुछ
कप कपी सी आती है

बड़ जाऊ दो कदम
और थाम लू हाथ तेरे
या तेरे इजहारे इश्क
का इंतजार करू

या यूं ही बटोरता रहूं
हर पल हर घड़ी
संजोता रहूं तेरी
हर याद
के कहीं हम कहें
और तू इनकार ना कर दे

मेरी मोहब्बत
अभी जवां हुई है
कहीं जरा सी गलती
मुझे उससे जुदा ना कर दे

इसी गफलत में
बस दूर ही से
उन्हें देखते रहते है
चाहते बहुत है पर
इजहारे इश्क़ से डरते है
इजहारे इश्क़ से डरते है

Exit mobile version