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दर्द है तो इश्क़ क्या
और इश्क़ है तो दर्द क्या
मोहब्बत में जान देकर होगा क्या
मोहब्बत में जान लेकर मिलना है क्या
इश्क़ अहसास है
जीने का आभास है
वो बहुत दूर है
फिर भी बहुत पास है
अपना बनाने की मुझे होड़ नहीं
उसमे खो जाने का जुनून है
नाम उसका क्यूं लू,
बदनाम क्यूं करू उसे
बस, बेनाम इश्क़ में
जिंदगी बिताने का फितूर है
देव
