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नमन, शत शत नमन है जवान तुझे

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नमन, शत शत नमन है जवान तुझे,
मातृ भूमि पर दी जान तूने
कहा मिलेगा पुण्य है ऐसा
कर दिए न्योछावर प्राण तूने।

जिस देश को गंगा पवित्र करे
हिम जिसका रक्षा कवच बने
सागर जिसके है पैर धोए
अहिंसा है जिसकी, प्राण प्रिए

जिसकी इज्जत की रक्षा में
भगत सिंग फासी पर झूले
आजाद हिन्द की आशा में
आजाद के पग ना पल भर रुके

राजगुरु सुखदेव हो गए अमर
झांसी की रानी की गाथा गाए हम
बिस्मिल्ला अस्फकुल्ला अल्ला से मिले
लाल बाल पाल ने दिखाई डगर

स्वतंत्रता भी नहीं अकेली अाई
रक्त से रंजीत, इतिहास थी लाई
घर छोर बेघर जब हुए लोग
भारत का बटवारा हुए भाई

अखंड भारत का सपना ले
पटेल चले निहत्थे
गांधी का अहिंसा का था असर
संसार को दे गई, मूल मंत्र

उसी भारत की रक्षा का
जिम्मा है तुमने उठलाया
हाथो से मेंहदी ढली नहीं
तू छोड़ प्रिए, युद्ध पर आया

जमीं बर्फ हो या जलती भूमि
गोलियां चले, बारिश की तरह
तू निडर खड़ा, अडिग अडा
रक्षा में मातृभूमि में हरदम

नमन, शत शत नमन है जवान तुझे,
मातृ भूमि पर दी जान तूने
कहा मिलेगा पुण्य है ऐसा
कर दिए न्योछावर प्राण तूने।

देव

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