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हां, इश्क़ तो है उससे,
मगर बोलने से डरता हू,
कुछ तो होंगे, ख्वाब उसके,
तोड़ने से डरता हू,
यूं तो वो भी समझती है,
मगर चुप रहती है,
शायद, मेरे कुछ बोलने का,
इंतेज़ार वो करती है,
देव
हां, इश्क़ तो है उससे,
मगर बोलने से डरता हू,
कुछ तो होंगे, ख्वाब उसके,
तोड़ने से डरता हू,
यूं तो वो भी समझती है,
मगर चुप रहती है,
शायद, मेरे कुछ बोलने का,
इंतेज़ार वो करती है,
देव