Random thoughts may 2020

[04/05, 10:55 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: ए दोस्त, तेरे चेहरे पर,
कुछ अलग नूर चमकता है,
मुस्कुराती रहे, तू सदा,
हर नमाज में, दुआ करता हूं।।
[07/05, 9:41 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: अमावस का चांद, हो गई हो तुम,
करीब होकर भी, बस, नजर नहीं आती।।

देव
[09/05, 2:39 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: नशा ए शराब भी क्या रंग लाता है,
जब नशा ए इश्क होता है।।

देव
[09/05, 12:36 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: हर गुल से सुंदर है, गुलिस्तां हमारा,
ये है, हिंदोस्ता हमारा।।

देव
[09/05, 1:02 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: उसके हर तराने में,
मिलती है, कहानी मेरी,
मेरी हर नज़्म में,
जिक्र उसका होता है।।

देव
[09/05, 1:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: मानता हूं, वो चाहती है,
मुझको कुछ तो,
मगर इजहारे प्यार से,
उसको डर लगता है,

देव
[09/05, 1:06 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: सलाह भी उनसे करते है,
सलांखे ले है को बैठे।।
[09/05, 8:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: तस्वीर उसकी, उससे ज्यादा कह जाती है।
देव
[11/05, 12:26 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: वैसे भी, हम गुलज़ार नहीं है,
हममें, वो बात नहीं है,
मगर, हमारे चमन कि खुशबू भी,
उसके चमन से, कम खास नहीं है।।

देव
[11/05, 5:39 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: ये वक़्त भी गुज़र जाएगा,
मगर एक छाप छोड़ जाएगा,
भागती हुई जिंदगियों को
चलना सीखा जाएगा।

देव
[15/05, 11:38 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: कागज पर लिखी स्याही,
उसके अश्क ने, कुछ यूं बिखरी,
वो कागज़ पर बनी तस्वीर, मेरे,
इश्क़ की तारीख बन गई।।

देव
[15/05, 6:10 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: यही तो उसकी अदा थी,
जिस पर मोहब्बत फिदा थी।।

देव
[15/05, 9:05 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: जिंदगी से गिला,
क्यूं करते हो साहेब,
नसीब जिंदगी तब होगी,
जब इश्क बुलंद, हो खुद से।।

देव
[21/05, 3:55 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: जाया ना कर जिंदगी,
बेकदरो के वास्ते,
तन्हा रह जाओगे, एक दिन,
सूने होंगे रास्ते।।

देव
[21/05, 4:06 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: जो मुड़ कर भी ना देखे मुसाफिर,
जिंदगी इंतेज़ार में, उसके जाया क्यूं कर दे,
जिसे हमारे रास्ते भी गैर लगते हो,
उसके साथ चलने का, इरादा क्यूं कर ले।।

देव
[21/05, 4:18 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: उसको आदत बना लिया,
यही तो हमने गलती की है,
अब आदत है, हुजूर,
एक दिन में, बदलती नहीं है,

देव
[21/05, 4:18 pm] Dev… Devkedilkibaat.Com: भूल जाऊं, इसीलिए ना नशा,
ना इस्क करता हूं मैं,
मगर, जो इश्क को, बस खेल समझते है,
उनकी गली में भी, रुख नहीं करता हूं मैं।।

देव
[23/05, 12:06 am] Dev… Devkedilkibaat.Com: हां, अक्सर वो बैचैन हो जाता है,
अनायास ही, खयालों में, खो जाता है
फिक्र रहती है, उसको सबकी, और
खुद गुमनामियों में गुम हो जाता है,

Dev

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