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अक्सर तेरी, याद आती है,

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दिन तो, अक्सर, गुज़र जाता है,
रात हरदम तड़पती है,
रात की चादर, जब भी चड़ती है,
अक्सर तेरी, याद आती है,

कैसे निकलेगा प्रहर,
कैसे ये वक़्त बढ़ेगा,
बिस्तर से दीवार तक,
चहलकदमी में,
घड़ियां काफी लग जाती है

शुक्र है खुदा का,
मिले हो यार तुम मुझको,
सूकुं से तुमसे आजकल,
चंद बातें हो जाती है,

भुला, गम अपने,
यादों को दफना अपनी,
तुम्हारी, प्यारी बातें,
मेरे चेहरे पे, मुस्कान लाती है,
कुछ पल ही सही,
मुझ चैन से सुलाती है

देव

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