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फिर जी ले जिंदगी, यूं कह रहा है

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दिल फिर से ख्वाहिशें कुछ कर रहा है,
उसके होने की, उम्मीद पर जी रहा है
बेकार वक़्त यू गवाना, मंजूर नहीं,
फिर जी ले जिंदगी, यूं कह रहा है,

यूं तो अक्सर, बन जाते है किस्से
कौन है यहां किसका, क्या है किसके हिस्से
तन्हाइयों को भी, अलविदा कह रहा है
फिर जी ले जिंदगी, यूं कह रहा है,

तकदीर मेरी, कुछ इस तरह, लिखता मौला मेरे,
चंद लम्हे ही सही, होते खुशी के,
अब सबर, मिलने का उससे, कम हो रहा है
फिर जी ले जिंदगी, यूं कह रहा है।।

देव

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