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अरसो गुजर गए, कभी की थी मोहब्बत तुझसे,
बेसब्र से दिल को, सब्र ना रहा,
कुछ पल की मुलाकातों में,
हाल ए दिल कहा,
वो उठी, और चल दी,
हां भी नहीं कहा,
हम बस इश्क़ करते रह गए,
और वो जो गए विदा,
छोटा सा शहर था,
यूं तो अक्सर, टकरा ही जाते थे,
एक दूसरे को देखकर,
मुस्कुराते थे,
इस बार ना जाने क्या खास हुआ,
उसकी ही महफ़िल में,
यारो का साथ हुआ,
जो ना पूछा था अब तक,
पूछ ही डाला,
ऐसा क्या हुआ, जो हां नहीं किया,
उसने मुस्कुराते हुए,
हसीन अंदाज में कहा,
देव बाबू, बड़े ना समझ हो,
याद करो, हमने ना भी तो ना कहा,
हमने ना भी तो ना कहा।।
देव
