आज फिर मेरी कॉफी का मग मुझसे बोला,
इतने हंसी मौसम में, शांत क्यूं है।
मैं बोला,
मौसम का मजा कुछ और होता है
जब, नरम हाथो में,
गरम पकोड़ो के साथ,
तेरा प्याला होता है
देव
आज फिर मेरी कॉफी का मग मुझसे बोला,
इतने हंसी मौसम में, शांत क्यूं है।
मैं बोला,
मौसम का मजा कुछ और होता है
जब, नरम हाथो में,
गरम पकोड़ो के साथ,
तेरा प्याला होता है
देव