उलझे रिश्ते

बेतरतीब से बालो को, संवारना उनसे सीखो,उलझे रिश्तों को भी, वो पल मे संवार है देते।।देव15/01/2021, 10:32 pm

मोहब्बत वही है!

आज भी, उसी मोड़ पर खड़ा हूँ,जहाँ कभी तुम मिली थी,और मुस्कुरा कर चल दी थी।।आज भी, मेरी मोहब्बत वही है,तुमसे चाहत भी है,तुम्हारा इंतजार भी है।।देव15/01/2021, 10:18 pm

नज़रे तेरी!

बहुत कुछ कह रही है, नज़रे तेरी,सिमट गई है इनमें, दुनिया मेरी,मेरी नजमो को, कहाँ कोई है पड़ता,ठहर जाती है जो नज़रे, नजरो पर तेरी।।और ये रुकती सी, आती है,मुस्कुराहट, जो तेरे चेहरे पर,थमी रह जाती है सांसे,इक बार हेलो, तेरे कहने पर।।देव14/01/2021, 5:04 pm

तेरा सुरूर!

मय थी और मयखाना था,हम थे और जमाना था,पीने का फितूर,और फिर तेरा सुरूर,दिन ही बेजां था,जो बस काम किया,शाम तेरी सोच मे गुजरीबस तेरा नाम लिया।देव14/01/2021, 9:12 am

मैं लगातार चल रही हूंँ।

ख़्वाब, देखती हूंँ बहुत,और पूरा भी कर रही हूंँ,धीरे धीरे चलना मेरी आदत है,और मैं लगातार चल रही हूंँ। लगातार चल रही हूंँ,जिन्दगी की रफ्तार से,ना थोड़ा आगे, ना थोड़ा पीछे,मिला कदम, ज़माने की ताल से, मगर ये क्या, जब भी,देखती हूं आइना, लगता है,कुछ ज्यादा मैं, बड़ी हो गई,उम्र जिन्दगी की रफ्तार से,कुछ ज्यादा … Continue reading मैं लगातार चल रही हूंँ।

फिर वही वक्त है!

फिर वही वक्त है,रात फिर से घिर आई है,और कुछ है,जो है बस तन्हा,और है तो बस,इंतज़ार, ना खत्म होने वाला,और ये दिल,ढूंढ रहा है, साथबहुत, हाँ,बहुत दूर तक चलने वाला,रोज, इसी इंतेज़ार में,फिर से शाम,रात का अंधेरा लेकर आती है,फिर से, करवटें बदलते हुए,एक और रात कट जाती है,मगर, हारें नहीं नहीं,नहीं हारे है … Continue reading फिर वही वक्त है!

आंसू झलक जाते है!

आज भी, आंखो से उसके,आंसू झलक जाता है,जब कभी, अपनी अलमारी,सम्हालते वक्त, वहीलाल दुपट्टा हाथ आता है। बहुत वक्त हो गया, मगरसजो के अभी भी रखा है,बहुत कुछ पाया, औरइन सालो में,बहुत कुछ छूटा भी है, बेगाने, जिन्हें पल में,अपना बनाया था,जिनके लिए, वो प्यार,वो राज दुलार, ठुकराया था,आज वो भी,दुत्कार कर यू चले गए,जैसे, … Continue reading आंसू झलक जाते है!

अश्क कब तक बहें!

अश्क कब तक बहेंऔर क्यूं बहें,जो नहीं है तेरा,उस का गम क्यूं करे। हाथ से थाम कर,हाथ अपना जरा,बढ़ चल तू जरा,जिन्दगी क्यूं रुके। जरा इधर भी तो देखहम भी है संग तेरे,तन्हा है तू यहां, येफिक्र क्यूं तू करे। सपने देखे है जो तूने,तो यकीं भी तो रख,वो हक़ीक़त बनेंगे,यकीं खुद पर तो रख। … Continue reading अश्क कब तक बहें!

थोड़ी जिन्दगी जी लेते है!

चलो, आज कुछ अच्छा करते है,थोड़ी जिन्दगी जी लेते है, बहुत हुई फिक्र कल की,आज की बात करते है,थोड़ी जिन्दगी जी लेते है। जो रह गया, सो रह गया,जो हैं, उनके साथ चलते है,थोड़ी जिन्दगी जी लेते है। गम है तो बहा लो आंसू,फिर ढेर सारा हंस लेते है,थोड़ी जिन्दगी जी लेते है। ये इश्क़ … Continue reading थोड़ी जिन्दगी जी लेते है!

ना मंजिल का पता!

ना मंजिल का पता,ना रास्तों का अहसास,ना फिक्र कल की है मुझे,ना वक्त पर है ऐतबार,ना संजीदगी सपनो मे,ना बेहोश जिन्दगी मे हूँ,ना बेकरारी दिल में है,ना पाने को हूँ मैं बेसबर, बस, यांदे है, यादों में तुम,तुम में खुदा हूं देखता,बस है इंतेज़ार, है तुझे प्यार,हूँ तेरा रास्ता देखता। देव 06/01/2021, 11:03 am

ख्वाब क्यूं देखना!

बस, ख्वाब क्यूं देखना,जब सच तुम कर सकते हो,क्यूं अधूरे जीते हो,जब पूरे हो सकते हो। वक्त है, अभी, और बस अभी है,कल क्या होगा, किसको यकीं है,सांसे, अभी है, जिंदा तभी है,गर खुश है, तो जिन्दगी है। देव 05/01/2021, 11:00 pm

कायम है ऐतबार किया।

आज फिर बरसा है, आसमान,फिर से, बे छिछक, बे शुमार,आज फिर, याद आया है मुझे,तुझसे मिलना, वो एक बार। आज फिर, तेरे होने का शुक्रिया,खुदा को नज़र, फरमा दिया,आज फिर, तेरी मोहब्बत पर,कायम है ऐतबार किया। आज फिर, तुमने मुझे जह़न मे,कुछ पल को, याद किया,आज फिर, अपनी मुस्कुराहट को,तुमने मेरे नाम किया। आज फिर, … Continue reading कायम है ऐतबार किया।