मां की पूजा

These lines are written based on last night incident. Mother of my friend got some attack and we had to rush to hospital. I was there at the time of attack and I saw even seen her death, aunty was worshiping for her kids... Starting from that moment till she was declared safe in hospital, … Continue reading मां की पूजा

यही मोहब्ब्त है

मोहब्बत एक अहसास है मेरे जीने की इक आस है दर्द क्या है, नहीं जानता हूं मैं लेकिन मोहब्बत को पहचानता हूं मैं मोहब्बत सुकून अदा करती है रूह को रूह पे फ़िदा करती है हम बस तुझे चाहना चाहते है नाम दे इस रिश्ते को, नहीं मारना चाहते है वो चाहे किसी को, दिल … Continue reading यही मोहब्ब्त है

एक नाम हमारा भी होगा

Wrote for a dear friend, who is damn busy that even don't have time for life कुछ दोस्त इतने हसीं होते है वो अजनबी हो जाते है फिर भी करीब होते है कई मर्तबा याद कर लेते है हम उनको वो यादों में भी, कहीं मगशूल होते है मिलेंगे जल्दी ही, कहते है हमसे अक्सर … Continue reading एक नाम हमारा भी होगा

जिंदगी और भी है जीने को

कब तक लकीरों को पीट जख्मों को हरा करती रहेगी पत्थरों पे सर मारेगी चोट तुझको ही लगेगी भूलना ही बेहतर है अक्सर ज़ख्म दिल पर है जो लगे जो बची है जिंदगी , वो भी दर्द ए नासूर ना बन जाए और भी है, जो चाहते है तुझे तुझसे भी ज्यादा नज़रे उठा के … Continue reading जिंदगी और भी है जीने को

मगशूल रहता हूं

तेरे नखरे, तेरा गुस्सा तेरी वो हसी शैतानियां बैठ अकेले याद कर उन्हें यूं ही हसता रहता हूं तेरे नरम हाथ तेरे उखड़ी सांस तेरे आगोश की गर्मिया महसूस कर अपनी शामे रंगीन करता हूं तेरा मुस्कुराना तेरा आंखे झुकाना तेरा हौले से लजाना याद कर सुबह की चाय की चुस्कियों में पीता हूं तेरे … Continue reading मगशूल रहता हूं

इजहारे इश्क़ से डरते है

झुकी पलकों से ताकती नज़रे कुछ देखती कुछ सुनाती चेहरे को छुपाती स्याह लटे रोक लेती है रास्ता जब भी देखता हूं इक नज़र उसे धड़कने दिल की बड जाती है हाथो में कुछ कप कपी सी आती है बड़ जाऊ दो कदम और थाम लू हाथ तेरे या तेरे इजहारे इश्क का इंतजार करू … Continue reading इजहारे इश्क़ से डरते है

बेइंतेहा प्यार करती हूं

Wrote this for a friend, on behalf of her for her love. Salute to her Love! अंधेरी रात में सुनसान राहों पे दौड़ती गाड़ियों की आवाजे, कुछ सुना रही है ये बहती हुई हवा तेरी याद दिला रही है आज भी याद है जब तू मुझे अपनी बाहों में समा लेता था मेरे जेहन से … Continue reading बेइंतेहा प्यार करती हूं

हर सुबह गुजरते है।

अक्सर तेरी गलियों में यूं ही तफरी लग जाती है तेरे कमरे की बत्ती तेरे होने की खबर देती है कुछ कदम बड के दरवाजे की कुण्डी पकड़ते है पर कहीं तू ना कह दे इसी बात से डरते है सुबह सर्द मौसम में शॉल लपेटें तू बाहर निकलती हैं तेरी खुशबू से मोहल्ले की … Continue reading हर सुबह गुजरते है।

हम भी शरीक होंगे

सर्द रातों में यारो की महफ़िल कभी सज जाए तो बताना हम भी शरीक होंगे जाम तो हम अक्सर लगाते है पर कोई और पिलाए तो बताना हम भी शरीक होंगे कहानियां तो है पड़ी बहुत मैंने अफसाने कोई सुनाए तो बताना हम भी शरीफ होंगे यूं तो यार ही काफी है मेरे जीने के … Continue reading हम भी शरीक होंगे

दीवाना

मुझे लोग कहते हैं दीवाना इक पुराना, बिखरा हुआ बेकार फ़साना यकीं नहीं करते उलझी हुई सी यादों से बनी कहानियों का मुझे वो मुझसे जुदा करने का मशवरा देते है सौगात में अपनी बेजान जिंदगी देते हैं मैं कैसे छोर दूं इन यादों को जिनमे कैद किया है दोस्तो के संग बिताई शामो को … Continue reading दीवाना

तन्हा

कुछ अनकही सी बाते कभी बहुत कुछ कह जाती है हमारे खुल के हसने मे छिपी ख़ामोशी नजर नही आती है हम तो सिर्फ तन्हा है पर वो कुछ ज्यादा इसीलिए हमें उनके आस पास कुछ ज्यादा भीड़ नजर आती है वक़्त से कर लेने में कुछ काम अच्छा होता है वक़्त गुज़र जाने पे … Continue reading तन्हा

इजहार

तू फ़िक्र ना कर, मै वहीं हूंजो मिला था तुझे कभीमै मौसम नहींजो बदल जाऊ जो हूं वही बयां करता हूं जमाने की नज़रों से नहीं डरता हू पर तू कहीं बदनाम ना हो जाए इसीलिए छुप छुप के मिलता हूं ये दिल बड़ा नाजुक है मेरा तोड़ा गया है कई बार इसे इसीलिए तुझे … Continue reading इजहार