खो जिन्दगी में यूं, फिर से जीने लगा,
बिन पिए मैं, नशे में रहने लगा।
खामोशियां भी बहुत कुछ, कह जाती है,
अपने जेहन को हूं, गौर से सुनने लगा।
दूर बहुत दूर हो तुम, मुझसे कहीं,
और करीब हूं तुझसे महसूस करने लगा।
देव
11/09/2020, 6:30 pm
खो जिन्दगी में यूं, फिर से जीने लगा,
बिन पिए मैं, नशे में रहने लगा।
खामोशियां भी बहुत कुछ, कह जाती है,
अपने जेहन को हूं, गौर से सुनने लगा।
दूर बहुत दूर हो तुम, मुझसे कहीं,
और करीब हूं तुझसे महसूस करने लगा।
देव
11/09/2020, 6:30 pm