डर के रहेगा यूं ,तो कैसे जी पायेगा।

कुछ पल का है ये दौर, गुजर जायेगा,
डर के रहेगा यूं, तो कैसे जी पायेगा,

माना, जो कल था, वो आज नहीं है,
मगर जो आज है, वो भी कल नहीं था,
क्यूं सोचते हो, क्या खो दिया तुमने,
क्या था तुम्हारे पास, जो खो जायेगा,
डर के रहेगा यूं, तो कैसे जी पायेगा।

कहां गई, हंसी जो चेहरे पर तेरे थी,
कहां गया जुनून, जो तुझमें था,
सुस्त सा बैठा है क्यूं, कुछ तो कर,
वक्त मिला है तुझे ये, गुजर जायेगा,
डर के रहेगा यूं, तो कैसे जी पायेगा।

इश्क नहीं है, तो कर ले जरा,
कोई नहीं मगर कोई तो होगा यहां,
थोड़ा खुद से कर, थोड़ा बांट दे,
तू गया भी तो, नाम रह जायेगा,
डर के रहेगा यूं, तो कैसे जी पायेगा।

कुछ पल का है ये दौर, गुजर जायेगा,
डर के रहेगा यूं, तो कैसे जी पायेगा।।

देव

18/09/2020, 12:55 pm

Leave a Reply