तेरे करीब रहता हूंँ।

कुछ पल ही सही, जी लेता हूँ।
जब कभी, तेरे करीब रहता हूँ।

लगता है जिन्दगी, फिजूल खर्च हो गई,
जो वक़्त मेरा, तेरे बिन निकलता है।

कहां हो तुम, यही तो कहीं हो,
बंद आंखो में, तेरा चेहरा दिखता है।

अब आती नहीं, नींद इन आंखो को,
तेरा कह कहा, हर वक़्त सुनाई देता है।

काश! गुजरे तमाम उम्र, दामन में तेरे,
यूं ही नहीं, इबादत में, तेरा नाम रहता है।।

देव

19/09/2020, 11:18 am

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