कहाँ थे वो, थे तो कहाँ थे॥

कहाँ थे वो, थे तो कहाँ थे,
मैं तो यही था, या मैं भी कहीं था,
ना मैं था, ना वो थे, मगर
साथ हम दोनो थे, मशगुल
कहीं और दोनो थे,
अब साथ है, मगर साथ नहीं,
और साथ ना होकर भी, करीब,
ढूढते है, तो मिलते नहीं,
और अक्सर, मिलते है, साथ ही,
ना वो है, ना हम वो है,
जो वो थे, और हम जो थे,
मगर जो वो है, वही वो है,
सबसे बेहतर, बस वो है।।

देव

16/10/2020, 6:11 pm

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