बेफिक्री और बिंदास जिन्दगी

बेफिक्री और बिंदास जिन्दगी का,
सबक तुझसे लेना होगा,
हाँ, मुझे एक बार, फिर से जीना होगा।

तेरे लबों को, हल्के से हिलाकर,
फिर तेरा जोर से हंस जाना,
तेरा हर फिक्र को, मुस्कुरा कर,
पल में हंसी में उड़ाना।

हाल ए दिल मेरा, सुनना
तेरा इत्मीनान से,
थाम कर हाथ मेरा, देना
तसल्ली, बड़े प्यार से।।

जानता हूंँ, नहीं पसंद,
करता है जमाना, मुलाक़ात अपनी,
I dont care बोलना तेरा,
बिंदास अंदाज में।

कुछ पल ही सही तुझसे मुलाक़ात,
मुझे दूर कहीं ले जाती है,
भुला कर रंजो गम जिन्दगी के,
जिन्दगी से मुझे मिलवाती है।

देव

19/10/2020, 12:45 pm

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