तेरी रेशमी जुल्फों से,
मिलकर गले,
इस तरफ आती,
सूरज की रोशनी,
तेरी महक भी,
जरा चुरा तुझसे,
हवा महकाती है,
यूं ही नहीं,
तेरी तस्वीर में,
तेरी महक आती है।।
देव
01/11/2020, 3:36 pm
तेरी रेशमी जुल्फों से,
मिलकर गले,
इस तरफ आती,
सूरज की रोशनी,
तेरी महक भी,
जरा चुरा तुझसे,
हवा महकाती है,
यूं ही नहीं,
तेरी तस्वीर में,
तेरी महक आती है।।
देव
01/11/2020, 3:36 pm