ना मंजिल का पता!

ना मंजिल का पता,
ना रास्तों का अहसास,
ना फिक्र कल की है मुझे,
ना वक्त पर है ऐतबार,
ना संजीदगी सपनो मे,
ना बेहोश जिन्दगी मे हूँ,
ना बेकरारी दिल में है,
ना पाने को हूँ मैं बेसबर,

बस, यांदे है, यादों में तुम,
तुम में खुदा हूं देखता,
बस है इंतेज़ार, है तुझे प्यार,
हूँ तेरा रास्ता देखता।

देव

06/01/2021, 11:03 am

Leave a Reply