तेरा सुरूर!

मय थी और मयखाना था,
हम थे और जमाना था,
पीने का फितूर,
और फिर तेरा सुरूर,
दिन ही बेजां था,
जो बस काम किया,
शाम तेरी सोच मे गुजरी
बस तेरा नाम लिया।
देव
14/01/2021, 9:12 am

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