कुछ अदा, और कुछ चुलबुला पन,
तुझमें समाया है, थोड़ा दीवानापन।
तेरा हॅंसना यूं दिल खोलकर,
कुछ और बताना, ना कुछ बोलकर।
नज़रों का सबको, कायल करना,
नज़रों से पल में, घायल करना।
तेरे आने से, खिल जाए ये फिज़ा,
तुझको ही दी है, खुदा ने ये अदा।
देव
17/01/2021, 2:50 am