इश्क़ का कलमा

मानता हूंँ, तू जानती है, बहुत कुछ,
मगर इश्क़ मेरी आयत है,
आ सीखा दूॅं, तुझे वो कलमा,
जो खुदा की रवायत है।
देव
31/01/2021, 10:53 pm

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