जिन्दगी के, कुछ लम्हे चाहिए।

ज्यादा नहीं, बस थोड़ा सा चाहिए,
तेरी जिन्दगी के, कुछ लम्हे चाहिए।
जब कभी, तू बैठे, हाथ में ले चाय की प्याली,
अक्सर ख्याल, मेरा भी आना चाहिए।
जानता हूंँ, तेरे , ख्यालत कुछ अलग है,
मुझसे ज्यादा, तुझे किसी और की, जरूरत है,
बस तेरी खुशी की दुआ मांगता हूंँ,
तेरे सपनो को, सच होते देखना चाहता हूंँ।
लोग यूं ही, मोहब्बत को, मतलबों से बांधते है,
मेरे प्यार में, नहीं तुझे पाने के, स्वार्थ आते है,
तेरे माथे को चूम, बस यही दुआ की है मैंने,
ना लगे नजर तुझे, खुदा से, इल्तजा की है मैंने।।
देव

ढूंढती सी फिर रही है नजर,
हर चेहरे मे, तेरा चेहरा,
रूबरू नहीं, मगर आता है नज़र,
हर चेहरे मे, तेरा चेहरा।
देव
14/02/2021, 11:12 pm

Leave a Reply