कुछ धुंधली सी तस्वीर, हो गई मेरी,वक्त का असर, कुछ यूं हुआ,बैठ कर आइने के सामने,जब मैं, खुद से रूबरू हुआ।भीड़ थी कभी, इस महफिल में,रोशन थे गुलसिता, कभी गुलशन में,जो खास बनते थे, कहा अलविदा,खाली इमारतें है, अब बस मैं हूंँ।यारो का काफिला, मंजिलों की बातें,दिन सुनहरे थे और थी चांदनी रातें,मंजिल जो बदली, … Continue reading बस याद है तेरी
Category: Romantic
लिखे थे खत, जो जला दिए
लिखे थे खत जो तुमको वो,जला दिए मैंने,मेरे नाम के किस्से, सबमिटा दिए मैंने।मेरे ख्वाबों में आती थी तू, अबसोता नहीं हूंँ मैं,तू टकरा जाये ना कहीं मुझसे, वहांरहता नहीं हूँ मैं।मिला सबकुछ तो है तुमको, नाम मेरे बस मोहब्बत है,घिरी है तू अपनो से, यहांयादों की महफिल है।देव09/02/2021, 3:02 am
मेरे ज़हन में, अब भी हैं
तन्हाइयो मे, मैंअक्सर रो लेता हूंँ,समझ कर हाथ उनके,आंसू खुद से पोछ लेता हूंँ।है टूटा सा ये दिल, मगर,ये दिल तो उसका है,मेरे ज़हन में, अब भीबसेरा उसका है।नहीं हैं इश्क़ उसको,ना मैं यू याद आता हूंँ,दुआ करता हूंँ उसकी,जब खुदा के दर पर जाता हूंँ।देव09/02/2021, 3:00 am
पैसे है, मगर दिल में जगह कम है।।
ये कविता आज सुबह की एक मुलाक़ात पर आधारित है।पैसे है, मगर दिल में जगह कम है।।सर्दी की ठिठुरती सुबह,और नई दिल्ली का रेलवे स्टेशन,यूं तो अक्सर, ओला या उबेर होती है,मगर, आज लगा, क्यूं ना,ऑटो मे थोड़ा घूमा जाए,ठंड का मजा लिया जाए।चहल कदमी कर, मेन रोड तक आया,इधर देखा उधर देखा, उसने बुलाया,दुबला … Continue reading पैसे है, मगर दिल में जगह कम है।।
ऐ यार, कमाल है ये मोहब्बत।
बेतहाशा हसीन है तो,बेइंतहा बेदर्द भी है,ऐ यार, यही तो है मोहब्बत।कभी जलती है पल में,कभी जलती है सदियों,ऐ यार, बारूद है ये मोहब्बत।रोते को हॅंसाती है तोकभी हंसते को,रुलाती है,ऐ यार, कमाल है ये मोहब्बत।उसकी ना में हाँ का छिपना,और हाँ मे ना का, छिप जाना,ऐ यार, तड़पाती है ये मोहब्बत।देव06/02/2021, 1:25 am
तड़पाती ये मोहब्बत।
उसकी ना में हाँ का छिपना,और हाँ मे ना का, छिप जाना,ऐ यार, तड़पाती है ये मोहब्बत।06/02/2021, 12:41 am
कमाल है ये मोहब्बत।
रोते को हॅंसाती है तोकभी हंसते को,रुलाती है,ऐ यार, कमाल है ये मोहब्बत।देव06/02/2021, 12:40 am
बारूद है ये मोहब्बत।
कभी जलती है पल में,कभी जलती है सदियों,ऐ यार, बारूद है ये मोहब्बत।देव06/02/2021, 12:37 am
बेइंतहा बेदर्द!
बेतहाशा हसीन है तो,बेइंतहा बेदर्द भी है,ए यार, ये मोहब्बत है।।देव06/02/2021, 12:33 am
हर साल, एक छोटा सा!
थाम कर तुम्हारा हाथ,सफर यूं कट गया,जिन्दगी का हर मोड,मुस्कुराते गुजर गया।पच्चीस साल, जबबच्चों ने दिलाया याद,तो याद आया,हर साल, एक छोटा सा,दिन नजर आया,हर दिन का वो लम्हा,जब हम करीब थे,बड़ा छोटा पाया,और आज लगता है,शायद बहुत कम ही,वक्त मिल पाया।ना जाने कहाँ वक्त,पलक झपकते निकल गया।।नौकरी, बच्चे, घर,और पचास जिम्मेदारियाॅं,गुजर गए हसीन पल,थोड़ी … Continue reading हर साल, एक छोटा सा!
तुम अमली (प्रैक्टिकल) हो
ये तो शुक्र है कि अभी तुम अमली होऔर मैं संजीदा,कहीं यू ना हो, के वक्त गुजरे,फिर मैं अमली हो जाऊं,और तुम संजीदा।।देवयहां, अमली का मतलब प्रैक्टिकल04/02/2021, 10:47 pm
पहचान मेरी
कहाँ थी पहचान मेरी,ये तो मोहब्बत तेरी थी,और जुनून मेरा।देव04/02/2021, 9:27 pm
शून्य मुझे है पसंद
कुछ यूं जिन्दगी को जिया मैंने,शून्य से, कई बार, जिया हूंँ मैं।यूं नहीं, कि शून्य मुझे है पसंद,मगर, शून्य का अफसोस नहीं, करता हूंँ मैं।शून्य से अनंत की, दूरी जानी है,इसीलिए, गिरकर फिर सम्हलता हूंँ मैं।लोग मिलते है, फिर बिछड़ जाते है,फिर शून्य से, शुरू करता हूंँ मैं।देव04/02/2021, 9:20 pm
मैं भी तो हूंँ जिद् दी
वक्त के साथ, बहुत कुछ छूटा,मगर, मैं भी तो हूंँ जिद्दी,कुछ गर छूट भी गया,तो पाया भी तो बहुत है,जिन्दगी है, इसे जाना भी बहुत है।।देव04/02/2021, 3:06 pm
क्या नहीं छीना मुझसे!
ख्वाब ही तो अपने है,वरना क्या क्या नहीं छीना मुझसे,बन कर अपना सबने।।।देव03/02/2021, 1:34 pm
ज़रा मुखातिब हो!
ज़रा मुखातिब हो मुझसे, पल भर को सही,वक्त तेरा, ना बदल दूं, तो कहना।इश्क़ मुझसे है कह दे, इक बार सही,तम्राम उम्र, तेरे नाम ना कर दू, तो कहना।जिक्र मे आया हूंँ, अरसो बाद तेरे,रूह तेरी, अपनी ना बना दूं, तो कहना।फिक्र है तुझको, मेरी कहती है नजर तेरी,बेफिक्र तुझे ना बना दूं, तो कहना।।देव03/02/2021, … Continue reading ज़रा मुखातिब हो!
ये कशमकश कैसी।
गर, मोहब्बत है, तो बगावत कैसी,ज़माने से, घबराने की बात कैसीक्यूं है शक खुद पर, खुद के प्यार पर,खुद ही से, खुद की शिकायत कैसी।गर, मोहब्बत है, तो सब हासिल है,इश्क़ में, सब पाने की हिम्मत है,क्यूं डर है और क्या तुम खो दोगे,जिन्दगी मे, ये कशमकश कैसी।देव03/02/2021, 1:09 pm
ऐ वक्त ठहर जा!
ठहर जा, ऐ वक्त ठहर जा,मेरे हुजूर है, मेरे दामन में,कुछ पल ही सही, सब्र तो कर,मेरे हुजूर है, मेरे दामन में।उम्र गुजर गई, इंतज़ार मे उनकेआज आए हैं वो, महफिल में मेरे,थोड़ा थम जा, सांस तो ले ले,उतार लूं सूरत, मेरी नजरों में।ठहर जा, ऐ वक्त ठहर जा,मेरे हुजूर है, मेरे दामन में।कुछ दूर … Continue reading ऐ वक्त ठहर जा!
जीने की उम्मीद
दूर, निकल चला था मैं,कि फिर से उसने दस्तक दे दी,जिन्दगी, जो ठहरी सी थी वक्त से,फिर जीने की, एक उम्मीद दे दी।देव02/02/2021, 10:53 pm
इश्क़ का कलमा
मानता हूंँ, तू जानती है, बहुत कुछ,मगर इश्क़ मेरी आयत है,आ सीखा दूॅं, तुझे वो कलमा,जो खुदा की रवायत है।देव31/01/2021, 10:53 pm