लेफ्ट- राइट

लेफ्ट पे राइट
राइट पे लेफ्ट
करना सीख गई हूं
तेरे लेफ्ट राइट को ठीक करने में
अपना राइट लेफ्ट भूल गई हूं

वैसे, कार तो मैं भी उम्दा चलाती हूं
पर, बगल की सीट पर, जब तू होता है
हर सिग्नल तोड़ जाती हूं

और तेरे चेहरे की घबराहट पे
हसीं आती है
और पीछे बैठी वो, अपनी आंखो से
हाथ तक नहीं हटाती है

बस दुआ करती है, सही सलामत घर पहुंचा दो मुझे
मैं अपनी बेटी की, इकलौती मां कहलाती हूं

देव

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