रिश्तेदार

कुछ लोग सोचते है,
कुछ करते है,
तुम्हारे बारे में,
कुछ अनजान बने रहते है
सवाल बहुत पूछते है
अपने ज्ञान को लोगो की
अज्ञानता से बड़ाना चाहते है
मिलने पर, बस आप ही सबकुछ ही उनके
ये जताना चाहते है
लेकिन, पीठ फिरते ही
हजार कमियां गिनाना जानते है
हां, मैं उनकी ही बाते कर रहा हूं
जो रिश्तेदार कहलाते है
जो साल में कभी कभी टकराते है
और आपके जीवन में भूकंप लाते है

जैसे, मेरे अंकल, जब भी मिलते है
बस, एक कंपलेन होती है
बेटा, बहुत ग़लत बात है
कभी फोन नहीं करते,
तेरा चोता भाई भी
तेरे शहर में है
तू कभी नहीं मिलता
बड़ा आदमी बन गया है
तभी तो, हमारे शहर महीनों नहीं फटकता

तभी मेरा दूसरा भाई,
जो पास ही बैठा था
झट से उछला, और बोला
अंकल, क्यूं मजाक करते हो
हम भाईयो पे क्यूं शक करते हो
कल ही की तो बात है
जब भाई ने भाई को फोन किया का
लेने आ जाऊंगा, बस फोन कर देना, कहा था
और मैनी भी कितने ही फोन किए भाई को
पर, कहा टाइम है, मेरे भाई को
याद ही नहीं, की कभी उसने फोन किया हो
या मिलने पार, मेरे गले भी लगा हो

अंकल ने कहा, बेटा, वो बहुत व्यस्त रहता है
हमे भी बहुत कम फोन करता है
वो तो ऐसा ही है, लेकिन तुम्हे
मां बाप ने नहीं सिखाया
रिस्तेदारो के साथ मिलजुल कर रहना नहीं बताया

देव

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