कमसिन हूं कमजोर ना समझो तुम

मुझे कमजोर समझने वालो
समहल जाओ यू ताकने वालो
मुझे खिलौना ना समझो तुम
कमसिन हूं कमजोर ना समझो तुम
अब मैं तुम्हारा प्रतिकार करूंगी
गर पड़ी जरूरत तो संहार करुगी

दया दिखाना बंद करो अब
स्त्री पर ना जुर्म करो अब
मेरा सम्मान तू करना सीख
अपनी पे अाई तो मांगेगा जान की भीख
मैं चंडी में दुर्गा बन कर
सिर तेरा धड से अलग करुगी
गर पड़ी जरूरत तो संहार करुगी

देव

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