नई मंजिले, नए रास्ते

नई मंजिले, नए रास्ते,
कुछ पास है, कुछ में फांसले
कुछ बेफिकर, कुछ परेशान से
कुछ दूर चल, मिलेंगे और राह में।।

लोग देखते है, देखने दे
वो क्या चाहते है, ना फ़िक्र कर
नया दिन है ये, नया काम कर
कल भूल जा, नई शुरुआत कर

खुद पे यकीं, कर ले जरा
खुद खुदा ने, तुझको रचा
जो पल मिले, खुश हो जरा
जाने फिर कब, मिल जाए खुदा

मंजिले अपनी बना,
मुकाम की तलाश कर
हमसफ़र मिल जाएंगे
रास्ते इख्तियार कर

देव

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