तेरी सादगी, तेरी आवारगी

31 Oct 2019

तेरी सादगी, या तेरी आवारगी,
तेरी हर अदा, पर फिदा हैं
तू यूं ही, मुस्कुराती रहे सदा,
बस, यही मेरी, हर पल दुआ है,

तू रोशनी है, दिया बस दिखावा है,
तू चांदनी है, चांद बस छलावा है,
तू नशा है, जाम तो बस बदनाम है,
तू जिंदगी है, रूह बस तेरी गुलाम है,

तेरे मासूम से चेहरे से,
होले से आती मुस्कान,
और खुदा की मीनार से,
आती वो अजान,
दोनों ही मुझे,
खुदा के होने का अहसास कराती है,
खुदा ही ऐसा कारीगर है,
जिसने मूरत ऐसी तराशी है।।

देव

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