दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।

ये मेरा पागलपन है,
या तेरी मोहब्बत का असर,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

जख्म खाए है इश्क़ में मैंने,
फिर भी तुझपर यकीं करता हूं,
रूबरू तुझसे मुलाक़ात नहीं,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

अक्स मेरा हो , तू नजर आती है,
घड़ी भर ना, तू दूर जाती है,
तुझसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं,
तेरी तस्वीर लिए फिरता हूं,
दिन में अक्सर, तुझे देखता हूं।।

देव

1 जुलाई 2020

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