असर,कुछ मौसम का कुछ मोहब्बत का

कुछ मौसम का असर,
कुछ मोहब्बत का,
बारिश भी बरसी,
अश्क भी बहे,
हम तन्हा है और,
उन्हें बेरुखी ने जकड़ा है,
हाल ए दिल अपना,
कैसे कहें, किससे कहें।।

देव

14/08/2020, 2:00 pm

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